परिसीमन के बाद आरक्षित सीट पर पहले विधायक बने राम गोपाल रावत
एसएम न्यूज़24टाइम्स के जिला ब्यूरो के साथ मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705
मसौली बाराबंकी। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के सभी दलों के घोषित उम्मीदवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं तथा मतदाताओं एव उम्मीदवारों के बीच लुकाछिपी का खेल शुरू हो गया है। माननीय बनने का सपना संजोय सभी दलों के लोग गांव गलियो की जहाँ खाक छान रहे है वही जागरूक मतदाता भी सभी उम्मीदवारों को जीत का झिझौना दे रहे है। समाजवादी पार्टी का मजबूत स्तम्भ समझी जाने वाली जैदपुर ( सुरक्षित) विधानसभा का उदय वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पूर्व हुआ था इससे पहले यह विधानसभा क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व0 रफी अहमद किदवाई की जन्मस्थली कस्बा मसौली विधानसभा के रूप में जानी जाती थी जो पहले काँग्रेस फिर बाद में समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती थी। काँग्रेस की पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवाई की राजनैतिक पृष्ठभूमि मसौली विधानसभा क्षेत्र रही इसके बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व0 बेनी प्रसाद वर्मा ने जब मसौली विधानसभा में अपना झण्डा गाड़ा तो वर्षो तक समाजवादी पार्टी का दबदबा कायम रहा।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पूर्व हुए परिसीमन में मसौली विधानसभा का आसिस्त्व खत्म हो गया और जैदपुर विधानसभा के नाम से नई विधानसभा का सृजन हुआ जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गयी। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में जैदपुर के प्रथम विधायक बनने का गौरव सपा के रामगोपाल रावत को मिला। जिन्हें 78869 मत व दूसरे नम्बर बसपा उम्मीदवार वेदप्रकाश रावत को 53828 मत, तीसरे नम्बर पर काँग्रेस के उम्मीदवार बैजनाथ रावत को 52010 मत, चौथे नम्बर पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रामनरेश रावत को 17867 व पांचवे नम्बर पर पीस पार्टी की उम्मीदवार उषा सिंह गौतम 13454 मत मिले थे।
सपा के लिए भारी पड़ गया गठबंधन
पांच साल तक सत्ता में रही समाजवादी पार्टी का गठबन्धन करना भारी पड़ा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एव लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबन्धन के कारण समाजवादी का दुर्ग ढह गया और कभी भी इस क्षेत्र से चुनाव न जीतने वाली भरतीय जनता पार्टी ने ऐसा भगवा रंग फैलाया कि सारे दल चित हो गये। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार उपेन्द्र सिंह रावत ने 1 लाख 11 हजार 64 मत पाकर विजय पताका लहराई सत्तारूढ़ सपा ने कांग्रेस से गठबन्धन कर काँग्रेस उम्मीदवार तनुज पुनिया का साथ दिया जिन्हें 81 हजार 883 मत मिले बसपा की उम्मीदवार मीता गौतम को 48 हजार 95 मत मिले और पर्चा दाखिल करने वाले सपा के निवर्तमान विधायक न न करते हुए भी 4 हजार 383 मत प्राप्त कर लिये। दो वर्ष बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से हटकर बसपा से गठबन्धन किया और फिर हार का मुँह देखना पड़ा इस चुनाव में भाजपा ने अपने योद्धा उपेन्द्र सिंह रावत को बड़ी पँचायत के उम्मीदवार बनाया और फिर बड़ी जीत हासिल की। जिन्हें जैदपुर विधानसभा में पिछले चुनाव से ज्यादा 1 लाख 12 हजार 409 मत मिले वही सपा बसपा गठबन्धन के सपा उम्मीदवार रामसागर रावत को 1 लाख 720 मत मिले। विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार से मात खाने वाले काँग्रेस उम्मीदवार तनुज पुनिया को 29 हजार 594 मतो से ही सन्तोष करना पड़ा जिनकी जमानत तक भी जब्त हो गयी।
उपचुनाव में सपा ने बचाई लाज

जैदपुर विधायक उपेन्द्र सिंह रावत के सांसद चुने जाने के बाद जैदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट खाली हो गयी है जिस पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपनी खोई हुई सीट को भाजपा से छीन लिया और आये परिणाम में सपा के उम्मीदवार गौरव रावत को 77 हजार 401 वोट हासिल कर भाजपा उम्मीदवार अंबरीश रावत को 4509 वोटों से पराजित किया। भाजपा प्रत्याशी को 72 हजार 892 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार तनुज पुनिया ने 43 हजार 356 वोट मिले। बसपा उम्मीदवार अखिलेश आंबेडकर अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। उन्हें महज 17 हजार 910 ही वोट मिले।
सभी दलों ने पुराने चेहरों पर लगाया दांव
सत्तारूढ़ भाजपा ने विगत चुनाव में रनर रहे अम्बरीष रावत को एक बार फिर मैदान में उतारा है वही समाजवादी पार्टी ने अपने वर्तमान विधायक गौरव रावत को पुनः मौका दिया है। कांग्रेस ने तनुज पुनिया को तीसरी बार क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मौका दिया है।वही बसपा ने उषा गौतम को टिकट देकर मैदान में उतारा है।सभी दलों के घोषित प्रत्याशी मतदाताओं की परिक्रमा कर रहे है। कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव सपा गठबंधन के साथ लड़ा फिर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने के आलावा उपचुनाव भी लड़ा परन्तु जीत के करीब नही पहुंच सके। भाजपा प्रत्याशी अम्बरीष रावत उपचुनाव लड़ा परन्तु मामूली अंतर से हार मिली। वर्तमान विधायक गौरव रावत ने उपचुनाव तो जीता परन्तु जनता का विश्वास पाने में नाकाम रहे तमाम विरोध के बाद भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुनः मैदान में उतारा है आने वाले समय मे जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है।
एसएम न्यूज़24टाइम्स के जिला ब्यूरो के साथ मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705

