बाराबंकी। समरसता का अर्थ ही समाज को एक जुट करना एवं पारस्परिक भेदभाव को समाप्त करना है यह कार्य किसी एक व्यक्ति या संस्था का नही है इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उक्त विचार महासभा की जिलाध्यक्ष राजवती विश्वकर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश सरकार के पूर्व कैविनट मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने विश्वकर्मा महासभा द्वारा नगर पालिका परिषद् के सभागार में आयोजित समाजिक समरस्ता विचार गोष्ठी एवं खिचड़ी भोज में व्यक्त किये। श्री गोप ने कहा कि यह एक समाजिक आन्दोलन है इस बुराई का खात्मा जागरूक समाज के द्वारा ही किया जा सकता है तभी जाकर समाज के वास्तिवक समरसता का भाव उत्पन्न होगा। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सदर विधायक धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए उनमें प्रेम व अपनत्व का भाव जागने की आवश्यकता है कंुठित मनों से विषमता की भावनाओं को दूर करने की आवश्कता है। कार्यक्रम को प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा पूर्व सांसद राम सागर रावत पूर्व विधायक राम गोपाल रावत, डाॅ. कुलदीप सिंह, डाॅ. विकास यादव, इं0 कृष्ण कुमार रावत नगर पालिका के पूर्व चेयर मैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव, सुरेश गौतम जिलाबार अध्यक्ष भरत सिंह यादव, सुनीत अवस्थी, जगत बहादुर सिंह, बृजेश दीक्षित, लल्ला यादव, अजय कुमार बब्लू, रामानंद विश्वकर्मा, कमलचन्द्र विश्वकर्मा, दिनेश कुमार विश्वकर्मा, राम शंकर विश्वकर्मा, जेपी विश्वकर्मा, देव नरायन शर्मा, डीएन विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, रमेश चन्द्र विश्वकर्मा, अभिषेक विश्वकर्मा, राम नरेश शर्मा आदि लोगो ने सम्बोधित किया एवं कार्यक्रम का संचालन मुरारी लाल विश्वकर्मा द्वारा किया गया।सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी
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