ईरान के मिसाइल हमले से नुक़सान को छुपाने पर अब अमरीकी कांग्रेस नाराज़ … 80 अमरीकी सैनिक मारे गये 200 से अधिक घायल !

अमरीकी कांग्रेस के दो सदस्यों ने पेंटागन से मांग की है कि वह इराक़ में अमरीकी छावनी एनुलअसद पर ईरान के मिसाइल हमले से होने वाले नुक़सान के बारे में स्थिति स्पष्ट करे।
बिल पार्सेल और डॅान बेकन ने अमरीक रक्षा मंत्रालय को लिखे गये अपने एक पत्र में अमरीका की ओर से एनुल असद में ईरान के मिसाइल हमले से होने वाले नुक़सान के बारे में परस्पर विरोधी बयानों और आंकड़ों की घोषणा की आलोचना करते हुए मांग की है कि इस बारे में पेंटागन, पारदर्शिता अपनाए।
याद रहे इराक़ में अमरीकी छावनी एनुलअसद पर ईरान के हमले के बाद अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रक्षा मंत्री मार्क इस्पर और विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने दावा किया था कि ईरान के मिसाइली हमले में कोई अमरीकी मारा नहीं गया और न ही कोई घायल हुआ है।
खुले रूप से इन्कार के बाद अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने धीरे धीरे यह स्वीकार करना आरंभ किया कि ईरान के मिसाइली हमले में कई अमरीकी सैनिक घायल हुए हैं।
अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने आंरभ में कहा कि 11 लोग प्रभावित हुए उसके  अमरीका ने फिर माना है कि उन 11 के अलावा भी कई सैनिक घायल हुए हैं ।
इसके बाद अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान के मिसाइल हमले में 34 अमरीकी सैनिक घायल हुए और उसके बाद  पेंटागन का कहना था  कि ईरान के हमले से प्रभावित होने वालों की संख्या 50 है।
बहुत से साक्ष्यों से पता चलता है कि इराक़ में अमरीकी छावनी पर ईरान के मिसाइली हमले में दसियों अमरीकी सैनिक मारे गये थे लेकिन अमरीका इसे स्वीकार नहीं करना चाहता।
अमरीका की आतंकवादी सेना ने गत 3 जनवरी को बगदाद हवाई अड्डे पर आईआरजीसी की कुद्स फोर्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल क़ासिम सुलैमानी और इराक़ी स्वंय सेवी बल के डिप्टी कमांडर अबू मेहदी अलमुहंदिस को उनके साथियों के साथ शहीद कर दिया था जिसके बाद ईरान के क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने 8 जनवरी को इस आतंकवादी हमले का जवाब देते हुए इराक़ में अमरीकी छावनी  एनुलअसद   और अरबील में एक अमरीकी ठिकाने पर मिसाइल बरसाए थे।
आईआरजीसी में एक जानकार सूत्र का कहना है कि ईरान के इस मिसाइली हमले में कम से कम अमरीका के 80 आतंकवादी सैनिक मारे गये और 200 से अधिक घायल हुए हैं।

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