महाभियोग से बरी होने के बाद अब क्या ट्रम्प का और भी बढ़ेगा अहंकार? इम्पीचमेंट से बचकर निकले ट्रम्प मज़बूत या कमज़ोर?
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को इस देश की सीनेट ने महाभियोग के सभी आरोपों से बरी कर दिया है। 5 फ़रवरी बुधवार को हुए ऐतिहासिक मतदान में अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रम्प को पद से न हटाने का निर्णय लिया है। अब सवाल यह पैदा हो रहा है कि, क्या महाभियोग के मुक़द्दमे ने अमेरिका में होने वाले आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की स्थिति मज़बूत कर दिया है?
अमेरिकी सीनेट ने इस देश के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को महाभियोग के आरोपों से बरी कर दिया है। सीनेट के फ़ैसले के बाद डोनल्ड ट्रम्प ने अपने चुनावी अभियान की रफ़्तार बढ़ा दी है। उनकी रिपब्लिकन पार्टी अब एकमत होकर उनके साथ है। जो रिपब्लिकन नेता उनके विरोध में थे वे या तो मैदान छोड़ चुके हैं या अगले चुनावों में न लड़ने का फ़ैसला कर चुके हैं। चुनावी आंकड़ों और प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी में उम्मीदवार के चुने जाने को लेकर उथल-पुथल ने भी ट्रम्प की हिम्मत बढ़ाई है। सीनेट में रिपब्लिकन सदस्यों ने पूरे तालमेल के साथ ट्रम्प को बरी करने के लिए मत दिया। अपने निर्णय के पीछे उन्होंने कई कारण गिनाए, जैसे ‘ट्रम्प दोषी तो हैं लेकिन महाभियोग की ज़रूरत नहीं थी,’ यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ जुलाई में टेलीफ़ोन पर हुई उनकी बातचीत एक ‘उत्तम कॉल’ थी, ’10 महीनों में चुनाव हैं और उनकी क़िस्मत का फ़ैसला मतदाताओं के हाथ में है।’ खुद ट्रम्प के लिए शायद सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह था कि अधिकतम राजनीतिक संकट के समय में भी उनकी रिपब्लिकन पार्टी उनके साथ है।
ठीक एक दिन पहले ट्रम्प ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में महाभियोग का उल्लेख तक नहीं किया था और दावा किया था कि उन्होंने 2016 में अपने चुनाव अभियान में किए वादों को पूरा कर दिया है। महाभियोग के आरोपों से बरी होने के बाद वे 2020 के अपने अभियान के लिए महाभियोग को ही एक हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। ट्रम्प ने ट्वीट किया कि वह बुधवार को अपने बरी होने पर एक वक्तव्य जारी करेंगे, जिसमें वे “महाभियोग के धोखे पर हमारे देश की जीत” पर चर्चा करेंगे। साथ ही उनके समर्थकों को निमंत्रण भी दिया गया कि वे ईस्ट रूम में उनके साथ ”जीत के जश्न” में शामिल हों। अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके साथियों ने ट्रम्प पर आरोप लगाने वालों और डेमोक्रैट सांसदों को चिढ़ाने वाले कई ट्वीट भी किए। ट्रम्प ने टाइम पत्रिका के एक कवर का इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो डाला जिसमें दिखाया गाया कि ट्रम्प कह रहे हैं कि, वह हमेशा राष्ट्रपति रहेंगे। सदन में माइनॉरिटी नेता केविन मैककार्थी ने ट्रम्प को महाभियोग की धाराएं फाड़ते हुए दिखाने वाला एक वीडियो ट्वीट किया। व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया निदेशक डैन स्काविनो ने ट्रम्प को नाचते हुए दिखाता हुआ एक ट्वीट किया।
यह सभी चीज़ों को देखते हुए कहा जा सकता है कि महाभियोग से बच निकलने के बाद ट्रम्प का अहंकार अपने चरम पर पहुंच गया है और उनकी स्थिति रिपब्लिकन पार्टी के अंदर पहले से अधिक मज़बूत हुई है। लेकिन इन सबके बीच ट्रम्प एक बात भूल रहे हैं कि अमेरिका में होने वाले 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत तभी सुनिश्चित होगी जब इस देश की जनता उन्हें वोट देगी। इम्पीचमेंट की कार्यवाही में डेमोक्रेट को हार का सामना तो हुआ है लेकिन ट्रम्प द्वारा अमेरिका के इतिहास में पहली बार एक राष्ट्रपति द्वारा इस देश की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी के साथ जो व्यवहार किया गया है उससे डेमोक्रेट पार्टी सहित इस देश की जनता में काफ़ी आक्रोश देखने को मिल रहा है। डेमोक्रेट इस आक्रोश को चुनाव तक बाक़ी रखने और अपनी हार के ज़ख़्म को भरने के लिए 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हर संभव प्रयास करेंगे।

