रविदास की अपनी सर्वथा अलग व विलक्षण पहचान है पी0एल0 पुनिया…………
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी
बाराबंकी 9 फरवरी हिन्दी की भक्ति काव्य विचारधारा में संत शिरोमणि रविदास की अपनी सर्वथा अलग व विलक्षण पहचान है। इनका व्यक्तित्व भगवान बुद्ध से प्रभावित था आपने अपने जीवन भर समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊँच-नीच, जाँति-पाँति, आडम्बरो का विरोध किया और अपने समय में जिन मानवतावादी मूल्यो के लिये संघर्ष किया उसमें आदर्श समाज की कल्पना के साथ ही अच्छे राज्य की अवधारणा पेश की वह विलकुल हमारे संवैधानिक संकल्पो जैसी है ‘‘ अइसा चाहो राज मै जहां मिलै सभन को अन्न, छोटे बडे सभ सम बसै रैदास रहै प्रसन्न।’’ संत शिरोमणि की यही अवधारणा उन्हे वसुधैव कुटुम्बकम्् की भावना से भी आगे ले जाती है। आपका तर्क था कि जब सभी लोग हाड-मांस व खून के ही बने है तो वह छोटे बडे कैसे हो सकते है? जब सभ कर दोउ हाथ पग दोउ नैन दोउ कान, रविदास पृृथक कैसे भये हिन्दुऔ मुसलमान।
उक्त आशय की जानकारी आज रविदास जयन्ती के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता राज्यसभा सांसद डा0 पी0एल0 पुनिया ने आज आपने ओबरी आवास पर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राम हरख रावत द्वारा माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात्् कांग्रेसजनो के बीच व्यक्त किये। आयोजित कार्यक्रम का संचालन अनुसूचित जाति विभाग के उपाध्यक्ष विजयपाल गौतम ने किया।
रविदास जयन्ती के अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता तनुज पुनिया संत शिरोमणि की चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात् कहा कि सन्त रविदास जी के समय में समाज में छुआ-छूत, जातिवाद व्यवस्था चरम पर थी ऐसे समय में रविदास जी की श्रमजीवी जिन्दगी समाज को बहुत संदेश देती है जैसे ‘‘ जाति-पाति के फेर में उरझि रहे सब लोग, मानवता को खात है रैदास जात का रोग’’ आपने वर्ण व्यवस्था, धार्मिक कट््टरता, सम्प्रदायिकता, अंध विश्वास के साथ-साथ समाज में प्रचलित गलत परम्पराओ की आलोचन की और अपने बौद्धिक तथा अकाट््य तर्को से बडे-बडे महामनिषिओ को परास्त किया।
माघी पूर्णिमा पर सांसद आवास पर आयोजित रविदास जयन्ती पर सन्त शिरोमणि के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालो मे मुख्यरूप से निवर्तमान अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, इरफान कुरैशी, सरजू शर्मा, के0सी0 श्रीवास्तव, दीपक सिंह रैकवार, कमल भल्ला, रंजीत रावत, अकबाल राही, सुरेश वर्मा, रामहरख रावत, विजय पाल गौतम, भाई लाल गौतम, सत्य प्रकाश वर्मा, मो0 वली, पुत्तू लाल वर्मा, महेन्द्र पाल वर्मा, विशाल वर्मा, पिंकी पाण्डेय, हरिशंकर रस्तोगी, सहित दर्जनो की संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे।
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

