क्या किसी सियासी विस्फोट की रणनीति में जुटे हैं राजू भैया? संभावित नगर निकाय के चुनाव में अब तक बरकरार रखी है चुप्पी

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

बाराबंकी। चेहरे पर निश्छल मुस्कान एवं सरल व्यवहार तथा जनहित के मुद्दों पर मुखर रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया की संभावित निकाय चुनाव में चुप्पी राजनीतिक दिग्गजों की नींद हराम कर रही है? ऐसे में श्री भैया की कई जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात एवं उनकी सामाजिक सक्रियता विस्मयकारी हो चली है! ऐसे में नगर व क्षेत्र में चर्चा है कि कहीं राजू भैया किसी सियासी विस्फोट के रणनीति में तो नहीं जुटे हुए हैं? हैदरगढ़ नगर की मिट्टी में जन्मे कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया अपने सामाजिक कार्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के चलते पूरे जनपद में चर्चित हैं। इधर निकाय चुनाव की चर्चा है। तब ऐसे मौके पर राजू भैया बिल्कुल चुप्पी साधे हुए हैं? जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों से टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कई नेता अपनी व्यवस्था को मुकम्मल करने के लिए जान लड़ाये है। दरअसल पिछले नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में राजू भैया की पत्नी ने चुनाव लड़ा था और वह हार गई थी। इसके बाद कई राजनीतिक विरोधियों ने राजू भैया के विरुद्ध एक अभियान चला दिया था। इन विरोधियों को धुन सवार थी कि इस हार में ही राजू भैया के पूरे सियासी आभामंडल को नेस्तनाबूद कर दिया जाए। लेकिन हैदरगढ़ जन्मभूमि को प्रणाम करने वाले राजू भैया ने अपने सामाजिक व सांस्कृतिक सक्रियता के कार्यों से सारी साजिशों को किनारे लगा दिया। राजू भैया के व्यक्तित्व पर उनकी पत्नी नीलम द्विवेदी के पिछला चुनाव हारने का कोई असर नहीं है। वह जनता में और तेजी से उभरे हैं। सभी को सम्मान देने वाले राजू भैया का सम्मान भी लोग दिल से करते हैं। जन चर्चा के मुताबिक राजू भैया मुंह पर स्पष्ट बोलने वाले एवं किसी नेता अथवा किसी अधिकारी की चापलूसी ना करने वाले व्यक्ति के रूप में सर्वविदित है। उनका अप्रिय सत्य बोलना कई माने में उनके सियासी विकास में बाधा उत्पन्न करता रहा है? फिर भी राजू भैया हैदरगढ़ नगर के ऐसे लाल हैं जिन्होंने अपने बलबूते अपनी बड़ी पहचान को स्थापित किया है। इधर निकाय चुनाव की जब संभावना बढ़ी है तो भाजपा सपा एवं कई अन्य दलों के कई लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। नगर प्रत्याशियों के झंडा बैनर पोस्टर से होल्डिग्स से पटा पड़ा है। हैदरगढ़ नगर पंचायत का सीमा विस्तार भी मुहाने पर है। लेकिन इस धमाचौकड़ी से इतर राजू भैया बिल्कुल चुप्पी साधे हुए हैं। लोग चुनाव की तैयारी में व्यस्त हैं तो वही राजू भैया कावड़ यात्रा के बाद अब दुर्गा पूजा में व्यस्त हैं। लेकिन इस दौरान श्री भैया की भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं देश व प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं से लगातार हुई मुलाकाते दिग्गजों की नींदों को हराम कर रही है। खास बात यह भी है कि वरिष्ठ कलमकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते राजू भैया के संबंध अन्य दलों में भी व्यक्तिगत रूप से अच्छे हैं। जबकि उन्हें कई भाजपाई इसके लिए निशाना भी बनाते हैं। खैर कुछ भी हो लेकिन श्री भैया चुनाव लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे यह मामला अभी भी रहस्य में है? सूत्रों का दावा है कि सतर्क बुद्धि वाले राजू भैया शांत तो बिल्कुल नहीं है। क्योंकि जिस प्रकार से नगर में अधिकांशतः लोगों में यह भावना भी उत्पन्न है कि हैदरगढ़ का चेयरमैन हैदरगढ़ की मिट्टी में जन्मा व्यक्ति हो! ऐसे में राजू भैया को सियासी तौर पर दरकिनार तो बिल्कुल नहीं किया जा सकता। क्योंकि वे जाति- धर्म से परे नगर की जनता में एक अलग ही लोकप्रिय चेहरा है!जब इस संवाददाता ने मुलाकात होने पर उनसे नगर निकाय के चुनाव में पूछा तो उन्होंने कहा कि इस समय दुर्गा पूजा महोत्सव चल रहा है। आप माता जी का आशीर्वाद जरूर लीजिए ।बाकी भविष्य की बात माता जी पर छोड़ दीजिए। कुल मिलाकर मिले संकेतों पर यदि बारीकी से गौर किया जाए तो आने वाले नगर निकाय के चुनाव में राजू भैया का सियासी कदम कोई बड़ा सियासी विस्फोट कर सकता है? संभवत राजू भैया कुछ ऐसी ही रणनीति को पूरा करने में जुटे नजर आ रहे हैं।बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

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