खेती की बाते खेतो पर कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने किसानों को जैविक खेती करके आय बढ़ाने के लिए जागरूक किया।
मसौली बाराबंकी। इफ्को द्वारा शनिवार को दौलतपुर गांव में प्रगतिशील एव पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के फार्म हाउस पर आयोजित राष्ट्रीय कृषि तकनीकी सम्मेलन में खेती की बाते खेतो पर कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने किसानों को जैविक खेती करके आय बढ़ाने के लिए जागरूक किया। तथा जिले एव अन्य जिलों से आये एक दर्जन किसानों को अंगवस्त्र एव प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय कृषि तकनीकी सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर उदघाट्न करते हुए राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने कहा कि दौलतपुर बाराबंकी के प्रगतिशील किसान रामशरण सभी के लिए प्रेरणा बनने चाहिए। जिन्होंने केले, टमाटर व आलू की खेती में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। और नवाचार किया परन्तु अपने तक सीमित न रहकर दुसरो को भी प्रेरित किया जिसके लिए रामसरन वर्मा बधाई के पात्र है।उन्होंने जिला प्रशासन एव कृषि विभाग के अधिकारियों से भी कहा कि किसानों की आय बढ़े इसलिए उन्हें सरकार की सभी योजनाओं का समुचित लाभ दिया जाए। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने महिलाओ के सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि आज महिलाएं पुरुषों से किसी भी मायने में कम नही है वह चाहे कृषि के क्षेत्र में हो या पशुपालन के क्षेत्र में हो महिलाएं बराबर की भागीदारी सुनिश्चित करती है इसलिए महिला किसानों का भी सम्मान हम सब लोगो को करना चाहिए। और सरकार द्वारा महिलाओ के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
किसान सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जिसके लिए हम सब लोगो को कम लागत एव अधिक मुनाफे की खेती करनी चाहिए जिनमे रासायनिक खादों के बजाय जैविक खादों का प्रयोग प्रगतिशील किसान की पहचान है। राज्यपाल ने कहा कि भविष्य में नवीनतम प्रौद्योगिकी और सही नीतियां एक सतत एवं समान वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। वैश्विक स्तर पर एक ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे प्रत्येक को पेट भर भोजन मिल सके और प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना गरीबी को भी काफी हद तक कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय आपदाओं के बावजूद, कृषि अभी भी एक बेहतर उद्यम है और मौलिक रूप से औद्योगिक क्षेत्र से भिन्न है। साथ ही राज्यपाल ने टीबी मुक्त भारत में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है वर्ष 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो जिसके लिए आप सभी लोगो टीबी ग्रस्त बच्चो को गोद लेकर उनके खान पान पर ध्यान रखें देश में करीब 7 हजार बच्चो को प्रशासनिक अधिकारियों एव जनप्रतिनिधियों ने टीबी ग्रस्त बच्चो को गोद लिया है जिसमे करीब 3 हजार बच्चे टीबी से मुक्त हुए है। राज्यपाल ने प्रगतिशील एव पद्मश्री किसान रामसरन की भूरि भूरि प्रशंसा की।
भारत सरकार के कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाराबंकी में एक सफल किसान की खेती देखने का अवसर मिला। प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा ने आलू की नई तकनीक से जो खेती की है वह क्रन्तिकारी साबित होगा उन्होंने कहा कि बागवानी करके किसान अपनी आमदनी में दो नहीं तीन गुना बढोतरी कर सकते हैं। इससे प्रदेश का भी विकास होगा
राष्ट्रीय कृषि तकनीकी सम्मेलन में प्रदेश लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, मिर्जापुर, फ़ैजाबाद, अम्बेडकरनगर, कुशीनगर, बिजनोर, रामपुर, वाराणसी, बाराबंकी जिलों के अलावा बिहार, गुजरात आदि प्रांतों से सैकड़ो किसानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को नई तकनीक से खेती व जैविक खेती करने के फायदे बताए।
इस मौके पर गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री दिलीप भाई संघानी, अश्वनी सवारिया, इफ्को महानिदेशक यू एस अवस्थी, स्वराज सिंह, मण्डी निदेशक , सांसद उपेन्द्र सिंह रावत, विधायक शरद अवस्थी, सतीश शर्मा, बैजनाथ रावत सहित इफ्को के अधिकारियो ने सम्बोधित किया तथा पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा ने लोगो का आभार व्यक्त किया।
■■ कार्यक्रम में एक दर्जन किसान हुए सम्मानित ■■
पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के फार्म हाउस पर इफ्को द्वारा आयोजित खेती की बाते खेतो पर कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने प्रगतिशील किसान संजय कुमार, सुरेन्द्र रावत, सन्तोष सिंह, पंकज कुमार, राजेन्द्र कुमार, आनन्द कुमार, हरिहर सागर, धीरेन्द्र कुमार, अमेठी की महिला किसान रीता सिंह एव श्रीमती कमलेश को शाल एव प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
■■आलू की नयी तकनीकी खेती को देखा एव सराहा■■
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा द्वारा आलू की नई तकनीकी से की गयी खेती को देख कृषि विभाग के अधिकारियो से कहा कि ऐसे खेती करने के लिए लोगो को जागरूक करना चाहिए ऐसी विधि से खेती करने से कम लागत में अधिक उत्पादन होगा। इसके अलावा श्रीमती पटेल ने किसान रामसरन वर्मा द्वारा टमाटर एव केले की खेती के आलावा लगाये गये स्टालों को दिखाया।

