शिक्षकों को मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा: सुनील कुमार राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपा ज्ञापन

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी। शुक्रवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने सरकार द्वारा जारी की गई भारी प्रीमियम युक्त कैशलेस चिकित्सा बीमा के विरोध में लामबंद होकर कलेक्ट्रेट बाराबंकी में प्रदर्शन किया। राज्य कर्मचारियों की भांति निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों में सरकार के दोहरे रवैये को लेकर काफी आक्रोश था। शिक्षकों का कहना था कि मुख्यमंत्री ने दोबारा सरकार बनते ही परिषदीय शिक्षकों को 100 दिन के अंदर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने की घोषणा की थी। जबकि शिक्षकों को सशुल्क चिकित्सा बीमा दिया जा रहा है जो कि शिक्षकों के साथ छलावा है और अधिकारियों के दोहरे व्यवहार को दर्शाता है। महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के लिए जो कैशलेस चिकित्सा बीमा जारी किया गया है। उसकी वार्षिक प्रीमियम 18000 से लेकर 76000 रुपये तक है। जबकि निजी कंपनियों द्वारा यही बीमा काफी कम दामों में उपलब्ध है। राज्य कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा निशुल्क दिया जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों को प्रीमियम में चिकित्सा बीमा कतई स्वीकार नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि सरकार द्वारा यह चिकित्सा बीमा वापस लेकर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई तो महासंघ द्वारा आंदोलन चलाया जायेगा। इस मौके पर मुख्य रूप से महासंघ कार्यकारी अध्यक्ष डॉ नरेंद्र मिश्रा, महामंत्री संतोष वर्मा, कोषाध्यक्ष विवेक गुप्ता, प्रांतीय कोषाध्यक्ष और संगठन मंत्री पवन शंकर दीक्षित, यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष वर्मा, जूनियर शिक्षक संघ के जिला मंत्री मोहम्मद इखलाक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेर सिंह, अटेवा के जिला संयोजक अमित कुमार आदि उपस्थित रहे।   मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

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