(नाग-नागिन का दुख अंत) नेवले के हमले से नागिन की हुई मौंत, वियोग में नाग ने भी फन पटक-पटककर त्याग दिए प्राण, देखने बालों की आंखे हुई नम

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984

बदायूँ। मामला बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव नगला डल्लू का है। यह गांव के बाहरी खेतिहर इलाके में एक व्यक्ति की समाधि बनी हुई है। गांव के लोगों ने बताया कि यहां कई वर्षों से एक नाग-नागिन का जोड़ा रहता था। इसको आते जाते राहगीरों द्वारा अक्सर देखा गया लेकिन आज तक इस जोड़े ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
कुछ दिन पहले एक नेवला कहीं से आ गया।नेवले ने नाग पर कई बार हमला किया। दो दिन से नेवला लगातार नाग पर हमला कर रहा था। जहां नाग को अकेला देखता। वही नेवला नाग पर हावी हो जाता, लेकिन नागिन नाग की रक्षक बनकर डटकर नेवले का सामना करती और नाग को उस नेवले के चंगुल से बचा लेती। लगातार दो दिन तक यही सिलसिला चला, लेकिन मंगलवार की शाम उस नागिन पर ऐसी घड़ी आएगी किसी ने नहीं सोचा था। मंगलवार की शाम को जैसे ही नागिन अपने बिल से निकली पहले से ही घाट लगाए नेवले ने हमला बोल दिया। जिससे नागिन की मौत हो गयी। जब नाग बिल से बाहर आया तो नागिन को खून से लथपथ देखा। तब वहीं अपना फन जमीन में मार मारकर नाग ने खुद को लहूलुहान कर लिया।नागिन के वियोग में नाग अपनी नागिन के शव को अपने मुंह से उठाकर दो दिन तक इधर-उधर भटकता रहा। जिसने भी ये नजारा देखा वह दंग रह गया।  नागिन की मौत के बाद नाग बेसुध होकर बेहाल हो गया। उसने जमीन में फुफकार मारकर खुद को जख्मी कर लिया। बुधवार को नागिन की मौत के बाद से उसने घटनास्थल को नहीं छोड़ा। उसी स्थान पर बेसुध पड़ा रहा। गुरुवार की रात तक लोगों ने उसको खेतों में पड़ा देखा, लेकिन सांस चल रही थी। शुक्रवार की सुबह जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक वह अपनी सांसों की डोर तोड़ चुका था।

नागिन वाले स्थान पर किया अंत्येष्टि:- जिस स्थान पर नागिन का ग्रामीणों द्धारा अंतिम संस्कार किया गया। उसी जगह गड्ढा खोदकर ग्रामीणों ने नाग का भी अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने नाग-नागिन के प्रेम को सराहा है। वहीं, नेवला को कोसा है। जोड़ा एक दूसरे से करता है बेहद प्रेम:- वन अधिकारी बताते हैं कि इंसानों की तरह जीव, जंतु भी अपने जोड़े से बेहद प्यार करते हैं। ऐसी स्थिति में अगर नाग, नागिन में से किसी एक की मौत हो जाती है तो उनमें से जो रह जाता है वह दुख व्यक्त करता है। वहीं इन दिनों में सांपों पर केचुली आती है ऐसे में ये ज्यादा सक्रिय नहीं रह पाते हैं। जिसके चलते इन दिनों में नेवले के हमले में सांप के मरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984

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