भारत के लिए संपूर्ण विश्व एक परिवार है: मनोज आरएसएस के तत्वाधान में युवा सम्मेलन आयोजित

सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

बाराबंकी। आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक मनोज ने कहा कि भारत सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानता है जबकि अन्य देशों के लिए विश्व एक बाजार है। भारत त्याग और तपस्या की भूमि है। सहिष्णुता भारत की आत्मा है।सर्वे भवन्तु सुखिनः भारत का दर्शन है। सह प्रांत प्रचारक मंगलवार को स्थानीय कोऑपरेटिव सभागार में आरएसएस के आयाम माविक द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद ने शिकागो सम्मेलन में हिंदू सनातन संस्कृति की अनूठी मिसाल पेश की। गर्व से कहो हम हिंदू हैं। का नारा देने वाले स्वामी विवेकानंद ने भारतीय स्वाभिमान की रक्षा की। सह प्रांत प्रचारक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के सकारात्मक विचारों ने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति उम्र से नहीं बल्कि हौसले से युवा होता है। कहा कि तुलसीदास जी ने 77 वर्ष की उम्र में रामचरित मानस लिखना प्रारंभ किया जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने 56 वर्ष की उम्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की नीव रखी। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉक्टर विनय दास ने कहा कि करोड़ो युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे स्वामी जी का जीवन अनुकरणीय है। अध्यक्षता अशोक त्रिपाठी ने की।इसके पूर्व अतिथियों ने स्वामी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की। युवा कवि साहब नारायण शर्मा ने काव्य पाठ करके जोश भरा। इस अवसर पर जिला संघ चालक आरएस गुप्ता, जिला प्रचारक अभिषेक, जिला कार्यवाह सुधीर, नगर प्रचारक अनुपम, डॉ नन्हे सिंह, प्रोफेसर सीता राम, कृष्ण कुमार, डॉ शार्दुल विक्रम सिंह, डॉक्टर अजय कुमार वर्मा, अवधेश श्रीवास्तव, अरविंद मिश्रा, परितोष, शुभम, आशुतोष, आकाश, विजय आनंद बाजपेई, रंजन मिश्रा, आशीष सिंह, हरीश अग्निहोत्री सहित सैकड़ों प्रबुद्ध जन मौजूद रहे।सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

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