ताड़का वध होते ही गूंजा जय श्रीराम का जयकारा

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

मोहम्मदपुर खाला, बाराबंकी। विकासखंड सूरतगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुल्लूसिंह पुरवा गांव में स्थित बाबा बृम्हचारी मेलें में बुधवार से शुरू हुए दो दिवसीय धनुष यज्ञ महोत्सव में प्रथम दिन रामजन्म एवं मुकुटपूजन के संग में ताड़का वध और नगरदर्शन, फुलवारी लीला का मंचन कलाकारों के ओर से किया गया। श्रीराम के जन्म लेते ही मंचन स्थल जय श्रीराम के जयकारों की ध्वनि से गूंज उठा। रोचक मंचन को देख दर्शक गदगद हो उठें। प्रथम दिन के रामलीला मंचन में रामजन्म के संग में ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। प्रथम दृश्य पर अयोध्या में राजा दशरथ के घर श्रीराम भरत, लक्ष्मण एवं शत्रुघन का जन्म होता है। उसके बाद पूरे अयोध्या के नगरवासी उत्सवों मनाते हैं।जबकि दूसरे दृश्य में दशरथ के दरबार में विश्वामित्र पहुंचते हैं,और उनको ताड़का के आतंक की बात को बताते हैं।संग में श्री राम-लक्ष्मण को वन को ले जाने के लिए कहते हैं। राम-लक्ष्मण वन में असुरों का वध करते हैं, और राक्षसी ताड़का को मारकर ही महर्षि के यज्ञों की रक्षा भी करते हैं। ताड़का वध होते ही पंडाल में उपस्थित राम भक्त श्रीराम के जयकारे लगाते हैं। पूरा पंडाल भक्तिमय हो जाता है। जबकि तीसरे दृश्य में फुलवारी मंचन किया गया। मंचन देख दर्शक भावविभोर हो जातें हैं।जनक नंदिनी सीता,अष्टसखी संवाद को सुनने के लिए दर्शकों की भीड़ रामलीला पर डटी रही। जैसे प्रभु श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण एवं गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुरी स्थित बाजार और फुलवारी घूमने मंच आए तब फुलवारी पर जनक नंदनी सीता ने श्रीराम को देखा तभी उन्होंने अपनी सखियों से इस नवयुवक के बारे में पूछा। इस पर रामायण के चौपाई संग में अष्टसखी संवाद का बेहतरीन मंचन भी किया गया। मंच पर विराजमान रामायणी की सधे स्वर का भरपूर आनंद दर्शकों ने लिया।जबकि कलाकारों के बेहतरीन संवाद एवं संगीत के संग अभिनय से लीला मंचन में चार चांद लग गया। इस मौके पर रामधीरज सिंह, अमित सिंह, मंगल शुक्ला, रोहित तिवारी, अखिलेश कुमार, अरुण सिंह, रामकृपाल यादव आदि मौजूद रहे।

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