वन विभाग की साठगांठ से हरे आम के पेड़ को काटा जा रहा तीन दिन पहले जुर्माना होने के बावजूद वन माफिया के हौसले बुलन्द
मोहम्मद आजाद कुरेशी संवाददाता थाना क्षेत्र कोठी
बाराबंकी। कोठी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नकटा सहरिया गांव में बरसों पुराना आम का हरा प्रतिबंधित पेड़ काटने को लेकर वन विभाग और वन माफियाओं की सांठगांठ का अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है वन विभाग द्वारा जिस पेड़ को काटने के जुर्म में वन माफिया पर 3 दिन पहले ही जुर्माना कर दिया था वह पेड़ आज वन माफिया द्वारा काटा जा रहा है। वन क्षेत्र हरख के अंतर्गत नकटा सहरिया गांव में प्राथमिक विद्यालय के पीछे एक भाग में बरसों पुराना हरा भरा आम का प्रतिबंधित पेड़ वन माफिया और वन विभाग की सांठगांठ से काटकर गिरा दिया गया इसकी शिकायत जब ग्रामीणों द्वारा वन क्षेत्राधिकारी हरक से की तो पता चला क्षेत्र में तैनात दरोगा रामसेवक यादव द्वारा इस पेड़ को काटने के जुर्म में 3 दिन पहले ही जुर्माने के नाम पर पैसा ले लिया गया स्थानीय लोगों द्वारा इसकी जानकारी पुलिस और मीडिया को दी गई जब वन विभाग द्वारा जुर्माने की रसीद मांगी गई तो बन माफिया ने बताया कि उसने रविवार को ही जुर्माना कटवाने के लिए पैसा वन दरोगा रामसेवक यादव को दे दिया था लेकिन रसीद अभी नहीं मिली है उन्होंने बताया है कि कल तक रसीद मिल जाएगी वन क्षेत्राधिकारी हरक संजय श्रीवास्तव का कहना है कोई भी प्रतिबंधित पेड़ काटकर जब जमीन पर गिरा दिया जाता है उसके बाद ही विभाग द्वारा जुर्माना वसूलने की कार्रवाई होती है पहले जुर्माने की राशि लेना बिल्कुल गलत है। डीएफओ बाराबंकी ने बताया जब भी कोई प्रतिबंधित पेड़ काट कर जमीन पर गिरा दिया जाता है तब पेड़ काटने वाले माफिया के खिलाफ कार्यवाही कर जाना जाता है लेकिन कटा ही ना हो और जुर्माना वसूल लिया गया तो यह बिल्कुल गलत है इससे क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों और बनाकिया की सांठगांठ प्रतीत होती है इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद आजाद कुरेशी संवाददाता थाना क्षेत्र कोठी

