निर्मल और स्वच्छ मन वाले को ही मिलता है भगवान का आशीर्वाद: उमाशंकर त्रिपाठी

नेवाज अंसारी संवाददाता तहसील रामसनेहीघाट

रामसनेहीघाट, बाराबंकी। श्री श्री शिव नाथ जी महाराज की कुटी ग्राम बाजपुर में श्रीराम कथा के चैथे दिन प्रयाग से पधारे कथा मर्मज्ञ श्री डॉ उमाशंकर त्रिपाठी महाराज जी ने कहा कि निर्मल और स्वच्छ मन वाले को ही मिलता है भगवान का आशीर्वाद। श्री महाराज ने कहा मनुष्य की चार प्रजाति बताई। प्रथम नर राक्षस जो सदैव दूसरे को नुकसान पहुंचाता है। दूसरा नर पशु ये मनुष्य अपने जीवन को निरीह प्राणी की तरह जीते हैं। तीसरा सामान्य नर ये अच्छा जीवन यापन करते हैं एवं अच्छे संस्कार के होते हैं, लेकिन न तो किसी अच्छे का साथ देते है न तो बुरे लोगों को उनके कर्मां में रोकने का प्रयास करते हैं। चैथे प्रकार का मनुष्य सबसे उत्तम प्राणी होता है वह अपने जीवन से परोपकार, धर्म व संस्कार, दूसरों की चिंता करता है। देश की युवा पीढ़ी पर चिंता व्यक्त करते हुए आगे कथा वाचक महाराज ने कहा कि आज युवा पाश्चात्य सभ्यता के भंवर में फंसा हुआ है। इस अवसर पर कुटी के महंत श्री रामस्वरूप दास रामतेज पाण्डेय, श्री नारायण दास जी महाराज, राम दुलारे पूजारी, विवेक पाण्डेय, संतोष यादव, रवीन्द्र कुमार पाण्डेय, दुर्गा प्रसाद पाण्डेय, इन्द्र प्रताप सिंह, दिवाकर सिंह, राघवेंद्र, देश शिवम् आदि भक्त शामिल रहे।

नेवाज अंसारी संवाददाता तहसील रामसनेहीघाट

 

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