सहसवान क्षेत्र के गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए देखे जाने की सूचना से ग्रामीणों में डर व्याप्त है
मुकीम अहमद अंसारी
सहसवान। क्षेत्र के गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए के देखे जाने की सूचना से ग्रामीणों में डर व्याप्त है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम आसपास क्षेत्र में कांबिंग कर रही है। वन विभाग का कहना है कि जो पदचिन्ह मिले हैं वह तेंदुए के नहीं हैं। उसके बावजूद कांबिंग की जा रही है। करीब दो वर्ष पूर्व इसी क्षेत्र के जंगल में तेंदुआ देखा गया था जिसे ग्रामीणों ने मार दिया था।
सोमवार सुबह क्षेत्र के गांव कोतल नगला के जंगल में ग्रामीण सुबह शौच के लिए गए। इस दौरान उन्हें जंगल में तेंदुआ दिखा। इसकी सूचना वन विभाग को दी और पुलिस को भी दी गई।ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताया कि पदचिन्ह तेंदुए के नहीं हैं।जबकि ग्रामीणों का कहना है उन्होंने तेंदुए को देखा है। वनकर्मी विजय सिंह का कहना है जो पद चिन्ह मिले हैं वह तेंदुए के नहीं हैं लेकिन उसके बावजूद भी पूरे जंगल में कांबिंग की जा रही है। बता दें कि करीब दो-तीन वर्ष पूर्व इसी जंगल के पास जरीफपुर गढ़िया और रसूलपुर के बीच तेंदुआ देखा गया था। इसकी भी सूचना वन विभाग को दी गई थी। उस समय भी वन विभाग तेंदुए के पदचिन्ह नहीं बता रहा था। दो-तीन दिन बाद ही तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला किया और ग्रामीणों ने उसे मार दिया। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। बहरहाल ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर खौफ व्याप्त है। ग्रामीण अपने खेतों तक नहीं जा रहे हैं।
*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984*

