मसौली बाराबंकी। विकास खण्ड मसौली की ग्राम गोढवा ग्वारी में स्थित आदि शक्ति दुर्गा माता मन्दिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमतभगवत कथा के चौथे दिन सीतापुर से पधारी कथावाचिका गौरी किशोरी ने भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई
कथावाचिका ने श्रद्धालुओं को बताया कि राजा हिरण्यकशिपु खुद को भगवान समझता था ।
भक्त प्रहलाद से उसके पिता हिरण्यकश्यप ने भगवान नारायण के नाम को न लेने को लेकर सभी प्रयास किये। लेकिन उसके हर प्रयास असफल रहा । क्योंकि भगवान प्रहलाद की पल पल रक्षा कर रहे थे । उसके पिता ने होलिका के साथ अग्नि में बैठाया।पहाड़ से प्रहलाद को फिंकवाया गया । इसके साथ साथ 5 दिन तक बंदी गृह में रखा।खाने तक के लिए कुछ नहीं दिया। उसके बाद भी प्रहलाद नारायण नारायण का जाप करते रहे ।वहीं उनको तनिक भी परेशानी नहीं आई क्योंकि भगवान अपने भक्तों की हमेशा रक्षा करते हैं । इसलिए हमें भगवान का ध्यान कभी नहीं भूलना चाहिए।
हिरण्यकश्यप प्रजा को भी उसे भगवान मानने के लिए दबाव डालता था।। लेकिन हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रहलाद विष्णु को ही भगवान मानते थे । एक दिन हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद से पूछा कि तुम्हारा विष्णु कह रहता है । प्रहलाद ने खंभ्बे की ओर इशारा करके कहा कि मेरा भगवान हर जगह है ।
आक्रोश में आकर हिरण्यकश्यप ने उस खंबे को तोड़ने का प्रयास किया। खंबे के भीतर से ही भगवान विष्णु नरसिंह का अवतार में प्रकट हुए। उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध किया ।इस मौके कथा आयोजन पुजारी रामपाल संतोष सागर सुरेश चन्द्र वर्मा देशराज विश्वनाथ निखिल छोटेलाल श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।
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