दातागंज में नशीली दबाओ धूम्रपान और शराब के उन्मूलन हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया
मुकीम अहमद अंसारी
बदायूं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में तहसील दातागंज में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमे तहसीलदार रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि पूरी दुनिया नशे के चंगुल में फंसी हुई है। दुनिया का कोई भी ऐसा देश नहीं है जहां के लोगों को नशे कि लत नहीं लगी हो। भारत में तो स्थिति और भी बदतर हो रही है। यहां की बहुत बड़ी आबादी नशे की गिरफ्त में आ चुकी है। विशेषकर युवा वर्ग में बढ़ती नशाखोरी की प्रवृत्ति समाज व राष्ट्र के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। नशे की लत के कारण बहुत से नौजवानों का भविष्य बर्बाद हो चुका है
26 जून नशा मुक्ति दिवस पर विशेष- नशा मुक्ति के लिए उठे बड़े कदम
पूरी दुनिया नशे के चंगुल में फंसी हुई है। दुनिया का कोई भी ऐसा देश नहीं है जहां के लोगों को नशे कि लत नहीं लगी हो। भारत में तो स्थिति और भी बदतर हो रही है। यहां की बहुत बड़ी आबादी नशे की गिरफ्त में आ चुकी है। विशेषकर युवा वर्ग में बढ़ती नशाखोरी की प्रवृत्ति समाज व राष्ट्र के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। नशे की लत के कारण बहुत से नौजवानों का भविष्य बर्बाद हो चुका है। हमारे देश में नशा करने वाले युवा पीढ़ी के लोग अब चरस, हेरोइन, कोकीन,अफीम जैसा खतरनाक नशा करने लगे। देश भर में नशे का सामान बेचने वाले बड़े-बड़े नशा माफिया पनप गए हैं। जो स्कूलों, कॉलेजों में कम उम्र के नौजवानों को नशे का सामान बेचते हैं। घर से बाहर रहकर पढऩे वाले बहुत से छात्र इन नशा माफियाओं के चंगुल में फंसकर नशे की लत के शिकार हो जाते हैं। जब तक उनके घर वालों को असलियत का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
नशीले पदार्थों के निवारण के लिए प्रत्येक वर्ष 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस मनाया जाता हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने एक प्रस्ताव में 7 दिसम्बर 1987 से इसे मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य लोगों को नशे की बुरी आदत से छुटकारा दिलाना तथा उन्हें नशे से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाना हैं।
यह अच्छी बात है कि इस दिन लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाता है। लोगों को सचेत किया जाता है, सावधान किया जाता है। मगर जब तक समाज व सरकार नशे को जड़ से समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही नहीं करेगी तब तक नशे का व्यापार फैलता ही रहेगा। भारत में भी सरकार ने विभिन्न प्रकार के नशे के सामान की बिक्री पर रोक लगा रखी है। कई कानून भी बनाए हैं। मगर उन पर प्रभावी अमल नहीं हो पाता है। जिसके चलते खुलेआम नशे का कारोबार होता है।
देश में कहीं से कोई भी व्यक्ति नशे का कोई भी सामान खरीद सकता है। उसे ना कोई रोकने वाला है ना कोई टोकने वाला है। नशे का सामान बेचने वाले सौदागर दिनों दिन धनवान होते जा रहे हैं। जिस कारण से उनका पुलिस व प्रशासन पर पूरा प्रभाव रहता है। जिसकी बदौलत वह शासन, प्रशासन से मिलकर सरेआम धड़ल्ले से अपना धंधा करते रहते हैं। नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ हमारा समाज भी जागरुक नहीं है।
नशे की लत के चलते पंजाब जैसा संपन्न प्रांत नशेडिय़ों का प्रदेश कहलाने लगा था। वैसी ही स्थिति आज देश के अधिकांश प्रदेशों की हो रही है। नशे को लेकर पंजाब जब सुर्खियों में आया तो पूरे देश का ध्यान उस तरफ गया और वहां नशे के कारोबार पर कुछ हद तक अंकुश लग पाया। वैसा ही हमें पूरे देश में करना होगा तभी नशे की तरफ जा रही हमारी युवा पीढ़ी को भटकने से रोका जा सकेगा।
कहते हैं कि नशा हर अपराध की जड़ होता है। नशेड़ी व्यक्ति कोई भी बुरे से बुरा काम करने से नहीं झिझकता सकता है। अधिकांश अपराध नशे की धुन में ही किए जाते हैं। बढ़ते नशे के प्रचलन को रोकने के लिए हमें सरकार के भरोसे ही नहीं रहना होगा। इसके लिए हमें स्वयं भी प्रयास करने होंगे। हमें देखना होगा कि हमारे परिवार का कोई सदस्य तो नशे की तरफ नहीं जा रहा है। यदि ऐसा है तो हमें समय रहते उस को नियंत्रित करना होगा।
यदि सभी लोग ऐसा करने लगेंगे तो धीरे-धीरे नशे की प्रवृत्ति कम होती चली जाएगी और एक समय ऐसा आएगा जब हमारा समाज, हमारा क्षेत्र, हमारा प्रदेश, हमारा देश नशा मुक्त बन सकेगा।इस अवसर पर पी एल वी रामवीर शर्मा पी एल वी मुनेंद्र कुमार रामवीर सिंह अमीना वी राजीव पेसकार नायब तहसीलदार छविराम आदि उपस्थित रहे।
*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) बदायूं 9719216984*

