बच्चों की सेहत से खिलवाड़: स्कूलों के बाहर बिक रहे एनर्जी ड्रिंक और सिगरेट, अभिभावकों में चिंता
मुकीम अहमद अंसारी
सहसवान,बदायूं। शिक्षा के मंदिरों के आसपास का माहौल बच्चों के भविष्य को संवारने के बजाय उन्हें बीमार बना रहा है। सहसवान के विभिन्न स्कूलों के बाहर स्थित दुकानों पर धड़ल्ले से बिक रहे एनर्जी ड्रिंक और सिगरेट ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कम उम्र के बच्चे इन हानिकारक पदार्थों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
स्कूली बच्चे अक्सर फैशन या दिखावे में आकर एनर्जी ड्रिंक का सेवन कर रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इन ड्रिंक्स में कैफीन और चीनी की अत्यधिक मात्रा होती है, जो बच्चों के कोमल हृदय, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (nervous system) पर बुरा प्रभाव डालती है। इसके नियमित सेवन से बच्चों में घबराहट, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
एनर्जी ड्रिंक के साथ ही छात्रों के बीच सिगरेट पीने की लत का चलन भी तेजी से पैर पसार रहा है। स्कूलों के ठीक बाहर इन मादक पदार्थों की आसान उपलब्धता प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। किशोर अवस्था में सिगरेट की लत न केवल उनके फेफड़ों को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि उन्हें अन्य गंभीर नशों की ओर भी धकेल सकती है।
कानूनन स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
स्थानीय लोगों और जागरूक अभिभावकों ने उप-जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अभिभावकों को भी सचेत रहना चाहिए। घर पर बच्चों के खान-पान की निगरानी करें और उन्हें नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में खुलकर जागरूक करें।
बच्चों का बचपन और भविष्य दोनों ही सुरक्षित रहें, इसके लिए अब प्रशासन को सख्ती दिखानी होगी ताकि स्कूलों के बाहर का माहौल स्वच्छ और सुरक्षित हो सके।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

