सरकार की एक भी योजना का नहीं मिला लाभ मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरते थे पेट, लेकिन लॉक डाउन ने तोड़ दी इनकी कमर
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी
बाराबंकी। यूं तो सरकार लाख दावे कर रही है कि कोई भी ऐसा परिवार नहीं है जिसको सरकारी योजनाओं का लाभ ना मिला हो लेकिन यह सब बातें पूरी तरीके से हवा हवाई साबित होती हुई नजर आ रही हैं जिसका जीता जागता उदाहरण बाराबंकी की विकास खंड सिद्धौर की ग्राम पंचायत सेमरावा के शाहपुर गांव में देखने को मिल रहा है जहां पर एक परिवार ऐसा है जो भूखे मरने की कगार पर है जिसको सरकार के द्वारा ना तो राशन कार्ड बनवाया गया है, ना तो उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर मिला है वहीं अगर शौचालय और आवास की बात की जाए तो वह तो बहुत दूर की बात है। मोहम्मद नसीर कहते हैं कि मुझे सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है मोहम्मद नसीर का कहना है कि वह मेहनत मजदूरी करते हुए अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे लेकिन जब से लॉक डाउन लागू हुआ तब से वह पूरी तरीके से परेशान हो गए हैं उन्हें ना तो राशन मिल रहा है और ना तो किसी भी प्रकार की मदद मिल रही है। नसीर कहते हैं कि अगर लॉक डाउन ना होता तो कहीं मेहनत मजदूरी करते हुए परिवार को पाला पोसा जा सकता था लेकिन अब परिवार का पालन-पोषण तो भगवान भरोसे ही है नसीर के चार बच्चे हैं जो भूखे रहने पर मजबूर है।
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

