कुंवर दिव्यांश सिंह को महामहिम राष्ट्रपति ने असीम साहस हेतु जीवन रक्षा पदक प्रदान करने की स्वीकृति दी।  15 अगस्त को सम्मानित किये जाएगें साहसी कुंवर दिव्यांश सिंह

नितेश मिश्रा एसएम न्यूज़24टाइम्स प्रभारी मंडल फैजाबाद उत्तर प्रदेश

बाराबंकी । जनपद के शीला भवन, मकदूमपुर निवासी कुंवर दिव्यांश सिंह  जो डॉ०  शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के एशोशिएट डीन छात्र कल्याण, अध्यक्ष सूक्ष्मआण्विक एवं जैवभौतिकी प्रयोगशाला, समन्वयक जिला विज्ञान क्लब, लखनऊ तथा संस्थापक अध्यक्ष अखिल भारतीय दिव्यागजन कल्याण परिषद डा० डी० बी० सिंह के सुपुत्र एवं वर्तमान में हाई स्कूल के छात्र  कुंवर दिव्यांश सिंह एक उच्चकोटि के अत्यंत बहादुर छात्र है जिन्होंने अपनी कुशलता से पूर्व में भी अनेकों बार प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश में जनपद का नाम रोशन किया है। इस क्रम में गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत के महामहिम  राष्ट्रपति जी ने जीवन रक्षा पदक पुरस्कारों (2019) को मंजूरी दी है। कुंवर दिव्यांश सिंह के साथ ही साथ   54 लोगों को ये पुरस्कार दिए जाने की मंजूरी बनी है, जिसमें सात लोगों को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, आठ को उत्तम जीवन रक्षा पदक और 39 व्यक्तियों को जीवन रक्षा पदक के तौर पर चिन्हित किया है। वहीं, इसमें 05 पुरस्कार मरणोपरांत हैं। जीवन रक्षा पुरस्कार डूबने, दुर्घटना के मामलों, भूस्खलन, पशुओं के हमले और खदानों में बचाव अभियान जैसी घटनाओं में किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए किए गए सराहनीय कार्यों के लिए दिया जाता है। जीवन रक्षा पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं। इसमें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक शामिल हैं । जीवन रक्षा पदक भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है जिसमें राशि, पदक और प्रमाण पत्र शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि कुंवर दिव्यांश सिंह ने 31 दिसंबर 2018 को कुंवर दिव्यांश सिंह रोज की भांति आठ अन्य बच्चों के साथ स्कूल बस स्टाप से घर आ रहे थे तभी अचानक ही एक दैत्याकार सांड(bull) जो अत्याधिक गुस्से में प्रतीत हो रहा था बच्चों पर झपटा जिससे सभी बच्चे इधर उधर भागने लगे इस क्रम में कुंवर दिव्यांश की 5 वर्षीय बहन लगभग भयानक सांड की चपेट में आ ही गयी थी, दिव्यांश ने बगैर एक छड़ गँवाए अपने स्कूल बैग से उस भयानक सांड पर लगातार वार करना प्रारम्भ कर दिया जिसके परिणामस्वरूप वह बलशाली सांड धक्का देते हुए भाग गया इस क्रम में कुंवर दिव्यांश का दाहिना हाथ चार जगहों से टूट गया परन्तु अपनी चोट की परवाह न करते हुए वह अपनी छोटी बहन समृद्धि कुंवर के साथ अन्य सात बच्चों के प्राणों की रक्षा की।
 इस असीम बहादुरीपूर्ण कृत्य को कई सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों आदि के साथ ही साथ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा सबसे प्रतिष्ठित “रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार-2018”, राष्ट्रीय बाल कल्याण परिषद के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2018, महामहिम राज्यपाल महोदय एवं अन्य द्वारा पुरस्कृत किया गया इसी क्रम में देश के महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा देश के शौर्य पुरस्कार जीवन रक्षा पदक-2019 प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की है। कुंवर दिव्यांश बहादुर होने के साथ ही साथ उत्कृष्ट छात्र भी है इन्होनें  छात्र ओलम्पिक में स्टेट स्तरीय बास्केटबॉल  प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व के साथ ही साथ 9 वी इन्सपायर एवार्ड-2019 में राष्ट्रीय, राज्य, जिला स्तरीय एवं 8 वी इन्सपायर एवार्ड-2018 में राज्य, जिला स्तर पर स्थान प्राप्त किया है। इन्हें राज्य स्तरीय साइंटिफिक इनोवेटिव एवार्ड-2019, साउथ एशिया के प्रतिष्ठित यंग चाइल्ड एवार्ड फार साइंटिफिक इनोवेशन-2018 के साथ ही साथ दो दर्जन से अधिक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।15  अगस्त 2020 को प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा  जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किये जाने हेतु पूर्व आई0जी0 डा0 प्रताप सिंह चूडावत, हाजी सरवर अली रिजवी, नवरत्न वर्मा, इं0 रोहित सिंह, इं0 अनिल कुमार, डॉ0 नीरज कुमार, डॉ0 राकेश कुमार  के साथ ही साथ  नगेन्द्र सिंह, राधेश्याम पान्डे, अंकित कुमार, राहुल वर्मा, संजय कुमार, नितिन वर्मा, अमरनाथ,  राजन वर्मा, अमित, अभिषेक कुमार, राजकमल, शुभम् वर्मा, अवधेश कुमार, भूपेन्द्र सिंह, राकेश वर्मा, सहित अन्य लोगों ने वीर बालक कुंवर दिव्यांश सिंह को अपना स्नेह एवं शुभकामनाएं दी।नितेश मिश्रा एसएम न्यूज़24टाइम्स प्रभारी मंडल फैजाबाद उत्तर प्रदेश

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