ईरान के सैटैलाइट लांच से बेख़बर था पेंटागोन, अमरीकी इंटैलीजेन्स की क्षमता पर उठने लगे सवाल!
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
ईरान ने अपना पहला सैनिक सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजा तो अमरीका में गहरी बेचैनी फैल गई। *बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने प्रेस कान्फ़्रेन्स में कहा कि हम तेहरान पर गहरी नज़र रखे हुए हैं।इससे पहले यह ख़बरें भी थीं कि अमरीकी इंटैलीजेन्स ने ईरान के सैनिक उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजे जाने की ख़बर का खंडन किया था। पेंटगोन के एक अधिकारी के हवाले से कुछ संचार माध्यमों ने कहा था कि *अमरीकी इंटैलीजेन्स ने पृथ्वी की कक्षा में किसी नए सैटेलाइट के प्रवेश को नोट नहीं किया है। इससे लगता है कि ईरान का परीक्षण नाकाम हो गया।
मगर फिर सीएनएन ने अपने प्रोगाम में एलान किया कि अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागोन को यक़ीन हो गया है कि ईरान अपना सैटेलाइट भेजने में सफल हो गया है।
वाशिंग्टन में नेशनल डिफ़ेन्स एकेडमी के विशेषज्ञ डेविड डी रूट्श ने ट्वीट किया कि यह तेहरान और वाशिंग्टन के बीच तनाव के दायरे में बहुत बड़ी घटना है क्योंकि सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजने में कामयाब हो जाने का मतलब यह है कि ईरान इंटरकान्टीनेन्टल मिसाइल बनाने में पूरी तरह सक्षम है।
अमरीका में टीकाकारों की ओर से इंटैलीजेन्स एजेंसियों के साथ ही पेंटागोन की आलोचना की जा रही है कि उसे ईरान की गतिविधियों की ख़बर नहीं हो पाती। अमरीकी अधिकारियों और संस्थाओं की सबसे बड़ी कमी यह है कि वह अपने विरोधी देशों की शक्ति और क्षमताओं का आंकलन करने में ग़लती हैं जिसका नतीजा यह होता है कि उन्हें बार बार नाकामी का सामना करना पड़ता है।
लगता है कि इंटैलीजेन्स एजेंसियों को अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो जैसे कट्टरपंथी नेताओं की नज़रिए पर यक़ीन आ गया था कि प्रतिबंधों और कोरोना महामारी की वजह से ईरान की ताक़त क्षीण हो चुकी है।

