सीएनएन के अनुसार जनवरी में ही कोरोना के फैलने का क्रम आरंभ हो चुका था
संचार माध्यमों में यह बताया गया था कि अमेरिका में फरवरी महीने के अंतिम दिनों में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था किन्तु अब पता चला है कि वास्तव में यह महामारी अनुमान से पहले ही वहां फैल चुकी थी।
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में दो व्यक्तियों की लाशों पर किये गये शोध से पता चला है कि इन दोनों व्यक्तियों की मौत फरवरी के आरंभ और मध्य में कोरोना वायरस से हुई थी जबकि इससे पहले माना यह जा रहा था कि अमेरिका में कोरोना वायरस से पहली मौत 29 फरवरी को हुई थी।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार दोनों मौतें पहली मौत हो सकती हैं और इससे अंदाज़ा होता है कि देश में वायरस के फैलने का काम जनवरी महीने से ही आरंभ हो चुका था। दोनों लाशों पर किये गये जांच परिणामों की घोषणा मंगलवार को की गयी।
इन दोनों में से एक 57 वर्षीय महिला की लाश थी जबकि दूसरी 69 वर्षीय पुरुष की थी। पहले की मौत 6 फरवरी को उसके घर में जबकि दूसरे की मौत भी 17 फरवरी को उसके घर में ही हुई थी।
कैलिफोर्निया में काउंटी की चीफ़ मेडिकल अफसर डॉक्टर सारा का कहना है कि इन दोनों ने यात्रा भी नहीं किया था इस आधार पर मेरा विचार है कि यह दोनों समाज में फैले वायरस की भेंट चढ़ गये।
उन्होंने कहा कि इससे यह अंदाज़ा होता है कि समाज में कोरोना कोरोना वायरस के फैलने का सिलसिला अपेक्षा से पहले आरंभ हो चुका था। काउंटी की ओर से इस बात की भी घोषणा की गयी है कि 9 मार्च को एक 70 वर्षीय व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई थी।
जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका में मरने और संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि इस बात की सूचक है कि कोरोना महामारी की विनाशलीला अमेरिकी अधिकारियों की घोषणा से पहले ही इस देश में आरंभ हो चुकी थी और अगर पहले से आरंभ न हुई होती तो इसमें इतनी तेज़ी से वृद्धि न होती।
Related Posts

