आम की बाग में लटकता मिला 20 वर्षीय युवक का शव, गांव में पसरा मातम

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

बाराबंकी।सोमवार की देर शाम घर से निकला एक नौजवान लौटकर कभी नहीं आया। उम्मीद की डोर रात भर बंधी रही, पर मंगलवार की सुबह वह डोर टूट गई। सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर भवानीपुर में उस वक्त कोहराम मच गया, जब 20 वर्षीय शौरभ दीक्षित का शव घर के पीछे स्थित आम की बाग में एक चिलवल के पेड़ से लटकता मिला।
महेश दीक्षित का इकलौता बेटा शौरभ सोमवार की शाम घर से निकला था। देर रात तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों की बेचैनी बढ़ती चली गई। पूरी रात गांव की गलियों, खेतों और रास्तों में तलाश होती रही, पर शौरभ का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। मां की आंखों में नींद नहीं थी और पिता का दिल किसी अनहोनी की आशंका से कांपता रहा।
मंगलवार की सुबह तलाश जारी थी, तभी कुछ ग्रामीणों की नजर आम की बाग में पड़ी। पेड़ से लटकता शरीर देखकर मानो सांसें थम गईं। चीख-पुकार के बीच परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त होते ही घर-आंगन में मातम पसर गया। हंसता-खेलता नौजवान यूं अचानक मौत की आगोश में कैसे चला गया—यह सवाल हर जुबान पर था।
सूचना मिलते ही सफदरगंज पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मौत के कारण संदिग्ध बने हुए हैं।
शौरभ की मौत ने एक बार फिर यह सवाल छोड़ दिया है—
क्या यह खुदकुशी थी या किसी अनकही पीड़ा का अंत?
जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के भरोसे है, मगर गांव की फिज़ा में उदासी और परिवार के आंगन में सन्नाटा लंबे वक्त तक रहने वाला है।

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