किसी ने नहीं सुना उसका दर्द, फांसी के फंदे ने तोड़ दिया पूरा परिवार

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

बाराबंकी।गांव के बाहर बने एक छोटे से आहाते में परिवार के साथ जिंदगी गुज़ार रहा एक 40 वर्षीय युवक रात के सन्नाटे में ज़िंदगी से हार गया। किसी को कुछ कहे बिना, किसी से दर्द बांटे बिना, उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह हुई तो घर ही नहीं, पूरा गांव सदमे में था।
सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्बर बजहा निवासी कुलदीप उर्फ दीपू पुत्र बाबादीन गांव से अलग आहाता बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। बीती रात अज्ञात कारणों से उसने घर के भीतर ही रस्सी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
भोर होते ही जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई, तो घर में चीख-पुकार मच गई। पिता की मौत की खबर सुनकर 16 वर्षीय बेटा घनश्याम और 14 वर्षीय बेटी शिवांशी बदहवास हो गए। बच्चों की आंखों के आंसू और पत्नी की बिलखती आवाज़ ने हर किसी का दिल तोड़ दिया। कुछ ही देर में गांव के लोग जुट गए, हर चेहरा गम और सवालों से भरा था।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है, लेकिन पीछे छूट गया है एक उजड़ा हुआ परिवार, और कई ऐसे सवाल जिनका जवाब शायद कभी न मिले।

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