क्या जैदपुर नगर पंचायत को बदनाम कर रहा है मनोनीत सभासद? -मनोनीत सभासद को बलि का बकरा बनाकर, एक तीर से कई शिकार किये जा रहे ह -कहीं भविष्य में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पृष्ठभूमि तो नहीं तैयार की जा रही है। -अब अपराधी ही उठा रहा है कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज। -नामित सभासद की आडियो रिकार्डडिंग जनपद में हो रही है खूब वायरल
प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी एसएम न्यूज24टाइम्स
बाराबंकी। नये-नये नेता को बलि का बकरा कैसे बनाया जाता है, यह देखना है तो आप नगर पंचायत जैदपुर के नामित सभासद कमल राजपूत को देखिए। अभी हाल में ही नामित सभासद बने और पहली ही सीढ़ी पर औधे मुँह गिर पड़े आगे इनका क्या होगा यह तो वक्त ही बतायेगा। एक कहावत है कि राजनीति में अपने बाप पर भी भरोसा नहीं किया जाता है किन्तु नया-नया धोबी कथरी में साबुन लगावत है के तहत इनको पेड़ पर चढ़ाकर नीचे से डाल काट दी गयी।
जानकारी के अनुसार जनपद बाराबंकी के कस्बा जैदपुर के नगर पंचायत में नामित सभासद कमल राजपूत जो राजनीति की पहली ही सीढ़ी पर ही औधें मुँह गिर पड़े वजह यह है कि उनको बली का बकरा दिया गया है। नई-नई नेतागीरी के चक्कर में घाघ नेताओं के हाथों की कठपुतली बनकर रह गये हैं। कई नेता इनके कंधे पर बंदूक रखकर भविष्य में होने वाले नगर पंचायत के चुनाव में अपनी पृष्ठभूमि तैयार करवाकर फसल खुद बोयेगें, और काटेंगे। इनका क्या फायदा यह तो यह ही जाने।
जैदपुर कस्बे में विकास कार्य में अगर कोई अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए उंगली उठाये तो समझो उसे कुछ न कुछ चाहिए या फिर कोई बड़ा खेल खेला जा रहा है। इस तरह के नेता जब सही कार्य में भी उंगली करेंगे तो घटिया कार्य में अगर शिकायत करेंगे तो उनकी कोई भी नहीं सुनेगा और अधिकारियों का कथित नेताओं से विश्वास ही उठ जायेगा। कस्बे में अगर कोई कार्य गलत हो रहा हो आप एक जिम्मेदार नागरिक की भांति कानूनी राय मशविरा करके लिखा पढ़ी करिये न कि एक ईमानदार व सरकारी कर्मचारी को फोन काल करके अपनी पहुंच व पावर के बारे में खुद बतायेंगे। इस तरह के नये-नये नेता उछलते ज्यादा है। एक कहावत यह है कि-अधजल गगरी, छलकत जावे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कथित नेता ठेकेदारी के लालच में बली का बकरा बन गये और विरोधियों के बिछाये जाल में आसानी से आकर फंस गये है, लेकिन नये नये नेता अपनी नेतागीरी चमकाने के चक्कर में न आव देखा न ताव और चढ़ गये खजूर के पेड़ पर, बाद में मालूम चला कि इनको चढ़ाने ही वाले नीचे से डाल काटने के लिए तैयार खड़े हुए हैं। कुछ लोगों ने तो इनके पूर्व के काले इतिहास को भी ऊपर तक के नेताओं तक पहुंचा दिया है और इनको मनोनीत करने वाले दोषियों के विरूद्ध पार्टी स्तर से जांच करवाने तक की मांग कर डाली है।
जनचर्चा है कि नेता कि बहुत चालाक किस्म का शातिर व्यक्ति हैं किन्तु पता नहीं इस राजनीति में कैसे औंधे मुंह गिर पड़े। लगता है ज्यादा जोश में होश ही खो बैठे। इनके अलावा 17 अन्य सभासद हुए हैं किन्तु वह सब समाजसेवा करने वाले है और सामाजिक व्यक्ति हैं किन्तु फलाने नेता अपने इतिहास को जिंदा रखते हुए उसी दबंगई पर चढ़ गये उनको क्या मालूम कि यह राजनीति है, जाली नोटों का धंधा नहीं है।……………क्रमशः
प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी एसएम न्यूज24टाइम्स

