बारिश ने मेथा किसानो की मेहनत पर फेरा पानी

संग्राम सिंह रावत संवाददाता ब्लाक सिद्धौर

बाराबंकी। विकासखंड सिद्धौर क्षेत्र में लगातार 5 दिनों से हो रही बारिश के चलते खून पसीने से पैदा की गई मेंथा की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो रही है जिसके चलते किसानों की कमर टूट चुकी है किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही। जिले में किसान मेंथा की खेती पर निर्भर है किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद मेंथा की फसल तैयार की थी मेंथा फसल की पेराई का समय चल रहा था तभी 5 दिनों से लगातार रुक रुक रुक कर बारिश हो रही है जिसके चलते खेतों में पानी जमा होने के कारण मेंथा फसल बर्बाद हो रही है कुछ किसानों ने पेराई के लिए मेंथा की फसल की कटाई की थी वह खेतों में पड़ी है मेंथा की फसल बर्बाद होने से किसानों की कमर टूट चुकी है क्योंकि सरसों और गेहूं की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी थी किसानों को एकमात्र सहारा मेंथा फसल से था वह भी बर्बाद हो रही है सुहावा निवासी किसान रामकिशोर मुकेश कुमार राधेश्याम का कहना है की मेंथा की फसल एक ऐसी फसल थी जिससे कुछ नगदी मिल जाती थी लेकिन अब तो वह भी बर्बाद हो रही है और घर में जो कुछ रखा था उसे भी फसल तैयार करने में लगा चुके हैं इसी प्रकार मुबारक हो निवासी लल्लू यादव चियारा निवासी अरुण कुमार चांदपुर निवासी अयोध्या प्रसाद भी बताते हैं की मेंथा की फसल काफी मेहनत से तैयार की थी और इससे बड़ी उम्मीदें थी लेकिन बरसात में सब कुछ बर्बाद कर दिया अब धान की फसल की रोपाई कैसे करेंगे और घर का खर्च कैसे चलेगा किसी को लेकर किसानों के माथे पर चिंता साफ झलक रही है।

संग्राम सिंह रावत संवाददाता ब्लाक सिद्धौर

Don`t copy text!