ईश्वर के दूत मोहम्मद स अ व और उनकी संताने समाज को हर प्रकार के अन्धकार से प्रकाश की ओरले जाते है   – मौलाना नक़ी अस्करी  सही धर्मगुरु वही है जो ईश्वरी मार्ग प्रशस्थ करे  –  मौ जाबिर जौरासी क़ुरान समय के साथ नहीं चलता वो समय से आगे आगे चलता है – मौ तस्दीक़ हुसैन

 हुसैन अ ने क़ुरबानी देकर मानवता को  बचाया है- अली अब्बास 

बाराबंकी ।  ईश्वर के दूत मोहम्मद स अ व और उनकी संताने समाज को हर प्रकार के अन्धकार से प्रकाश की ओरले जाते है । यह बात मौलाना गुलाम अस्करी हाल में चौथी मजलिस को खिताब करते हुये  मौलाना नक़ी अस्करी साहब  ने कही । मौलाना ने यह भी कहा । जब आखरी इमाम आयेंगे संसार पाप मुक्त हो जायेगा।लश्करे इमाम में  शामिल होना चाहते हैं तो दुआए  अहद को अमल में  लायें ।आखिर में  करबला वालों के मसायब पेश किया जिसे सुनकर  मोमनीन रो पड़े ।मजलिस से  पहले हाजी सरवर अली कर्बलाई  ने नज़रानये अक़ीदत पेश करते हुये कहा -मुमकिन नहीं है शाह का गम हो सके रक़म ।सरवर तखय्युलात की चादर समेट ले।इमामबाड़ा मीर मासूम अली कटरा में  चौथी  मजलिस को सम्बोधित  करते हुये  जाबिर  जौरासी साहब ने कहा सही धर्मगुरु वही है जो ईश्वरी मार्ग प्रशस्थ करे।उन्होंने यह भी कहा कि संसार में शान्ती का संदेश फैला है  तो पैगंबर व उनकी संतानो के द्वारा।जिसने हर मज़हब व मिल्लत के लोगों के दिलों पर असर किया।इंसानियत का पैगाम देने  वाले, मोहम्मद (स अ व) के नाती फातिमा ( स अ) के लाल का घर घर हो रहा  मातम।नगर के कटरा मोहल्ला स्थित इमामबाड़ा मीर मासूम अली आगा फ़ैयाज़ मियाजानिके अज़ाखाने में अपने निश्चित समय मजलिस शुरू हुई ।सीमित संख्या, सेनेटाईजर व मास्क के साथ सोसल डिस्टेंसिंग के साथ मजलिस सम्पन्न हुई । आगा  फय्याज़ मियां जानी के अज़ाखाने में  अली अब्बास साहब ने मजलिस को सम्बोधित  करते हुये कहा हुसैन अ ने क़ुरबानी देकर मानवता को  बचाया है
 । रसूल पुर में मोहसिन साहब के अज़ाखाने में मजलिस को सम्बोधित  करते हुये मौलाना तस्दीक़ हुसैन साहब ने कहा क़ुरान समय के साथ नहीं चलता वो समय से आगे आगे चलता है ।या यूँ  कहा जाये की भूत भविष्य  व वर्तमान सभी का ज्ञान  क़ुरान में पहले से मौजूद है । वहीअस्करी नगर ,अली कालोनी दयानंद नगर , करबला सिविल लाइन , बेगम गंज ,तकिया ,पीर बटावन,असद नगर ,देवां ,फतेहपुर , जैदपुर , असन्द्रा , मीरापुर , मोती पुर , रसूल पुर , जरगांवां , सरैयां  , मिर्चिया , टिकरिया , सन्गौरा  , केसरवा , मौथरी आदि गांवों  कस्बों में भी घर घर  मजलिसों  का सिलसिला शासनादेश के अनुसार जारी है ।कोविड -19 के चलते इस वर्ष इमाम हुसैन (अ)का गम  सावधानियों के साथ मनाया जा रहा है  । हर तरफ़ या हुसैन या हुसैन की सदाएं गूंज रही है ।इमाम हुसैन (अ) के गम में हर मज़हब व मिल्लत के लोग शामिल है । मजलिस से पहले मुहिब रिज़वी,बाक़र नक़वी , सरवर अली कर्बलाई,शबी अहमद आब्दी, मोहम्मद, अदनान रिजवी, नजफी , ज़ाकिर इमाम , अयान , गाज़ी इमाम आदि लोगों ने नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।मजलिसों  का अगाज़ तिलावते कलाम पाक से किया गया ।
Don`t copy text!