बाराबंकी। जिले के प्रसिद्ध बाल रोग सर्जन डॉ रवि आहूजा ने एक माह के शिशु का जटिल इलाज का शिशु की जान बचाई है। डॉ आहूजा की इस कामयाबी से जहाँ शिशु के माता पिता ने राहत की सांस ली और डॉक्टर को धन्यवाद दिया वहीं इसकी खूब चर्चा हो रही है। हैदरगढ़ क्षेत्र के सिकन्दरपुर गांव निवासी दीपिका व राहुल मिश्रा को 19 नवम्बर को सीएचसी हैदरगढ़ में शिशु संस्कार का जन्म हुआ था। जन्म के समय से ही शिशु का बायां पैर नीला और काफी सूजा हुआ था। पैर छूने व हिलाने पर शिशु बहुत रोता था। इलाज के लिए परिजन आहूजा नर्सिंग होम के डॉ रवि आहूजा को दिखाया। डॉक्टर ने देखते ही बताया कि बाएं पैर का रक्त संचार अवरुद्ध है, रक्त के थक्के पड़ गए हैं। इसके लिए दवाएं देकर रक्त पतला किया जाएगा। डॉ ने यह भी बताया कि रक्त पतला करने में हो सकता है कि शरीर के अन्य अंगों से भी रक्तस्राव हो सकता है। परिजन पहले घबराए फिर भी इलाज के लिए तैयार हुए। डॉ आहूजा ने जांच करवाई तो पाया कि शिशु की गलहरी से लेकर पंजे तक रक्त के थक्के जमा थे, जिसे पैर की केंद्रीय नसों में पीआईसीसी डाल कर रक्त के थक्कों को गलाने का कार्य मशीन से शुरू किया और 12 दिनों के इलाज में पैर का रंग गुलाबी हों गया तथा सूजन 75 प्रतिशत ठीक हो गई। 19 दिनों के इलाज में शिशु का पैर सामान्य हो गया है। इस विधि से किसी शिशु का इलाज बाराबंकी में पहली बार हुआ है। डॉक्टर की इस कामयाबी को जिसने जाना वह डॉ आहूजा की प्रसंसा कर रहा है।
मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

