डीएम की अध्यक्षता में गठित हुई ‘‘नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति’’

रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 415526500

बहराइच 29 दिसम्बर। नौकाओं के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव तथा नौका दुर्घटनाओं के प्रबन्धन व न्यूनीकरण एवं नाविक कल्याण हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय ‘‘नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति’’ का गठन किया गया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति में पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, ए.आर.टी.ओ., जिला पंचायत राज अधिकारी, अधि.अभि. सिंचाई, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग तथा श्रमध्कौशल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, जिलाधिकारी द्वारा नामित जनपद में कार्यरत किसी नाविकध्मछुवारा संघ के अघ्यक्ष सदस्य हैं। समिति के सदस्य संयोजक अपर जिलाधिकारी (वि.ध्रा.) हैं। साथ ही तहसील स्तर पर भी नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के तहत नाविक कल्याण समिति का गठन कर लिया गया है।
जनपद में देशी मानव चलित तथा यान्त्रिक चलित नौकाये प्रयोग में लायी जाती है। जिसके के दौरान कतिपय स्थानों पर नौका दुर्घटनाएं हो जाती है जिनमें काफी मात्रा में जन-धन पशु हानि होती है। इन नौका दुर्घटनाओं के अध्ययन में पाया गया कि जीर्ण-शीर्ण, क्षतिग्रस्त व पुरानी नौकाओं द्वारा अपनी भारवाही क्षमता से अधिक भार का नौवाहन किये जाने, नौका की भौतिक दशाओं, संरचनाओं व उनके परिचालन गतिविधियों के समुचित सत्यापन का अभाव, नौका संचालकों का खराब या शून्य प्रशिक्षण, उनकी खतरनाक कार्यशैली नौपरिवहन सम्बंधी कानूनों का वास्तविक रूप से पालन न किये जाने आदि कारणों से ये दुर्घनाये घटित होती है। इस सम्बंध में मा. उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 प्रख्यापित की गयी है। इस नीति से जल में पैदा की जाने वाली फसलों यथा सिंघाड़ा, मखाना आदि की खेती में व्यक्तिगत रूप से प्रयोग होने वाली नावें इस नीति से आच्छादित नहीं होगी।

उल्लेखनीय है कि विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में आहूत जिला स्तरीय नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति की बैठक में देशी मानव चालित (नान मेकेनाइज्ड) नौकाओं के संचालन, सुरक्षा और रख-रखाव, नौका दुघर्टना प्रबन्धन से सम्बन्धित विभिन्न स्टेक होल्डर्स की जागरूकता एवं क्षमता वृद्धि एवं बचाव उपकरणों, संसाधनों को सूचीबद्ध कर आनलाइन इन्वेंट्री आई॰डी॰आर॰एन॰ में फीड कराया जाना तथा किसी नौका इमरजेंसी, दुघर्टना की स्थिति में की जाने वाली कार्यवाही के सम्बंध में विस्तृत एस॰ओ॰पी॰ तथा एक्सीडेंटल मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के सम्बन्ध दिशा निर्देश दिये गये।

विकास व कल्याणकारी योजनाओंध्वित्तीय व ऋण परियोजनाओं से नाविकों व गोताखोरों को प्राथमिकता से जोड़ने, पुलिस एनडीआरएफ, पीएसी, एसडीआरएफ कम्पनियों को राहत कार्य हेतु तैनात करने, ग्राम पंचायतों में नाव सुरक्षा अभियान के संचालन, नाव पर रखे जाने वाले प्राथमिक चिकित्सा किट में सम्मिलित की जाने वाली औषधियों एवं सामग्री की सूची तैयार करने तथा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा नाव दुघर्टना प्रबन्धन व सुरक्षा हेतु स्कूलध्कालेजध्नदी तट के क्षेत्रों इत्यादि में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी व जल पुलिस आदि के सहयोग से नाविकों व गोताखोरों का प्रशिक्षण दिलाये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों, स्टेक होल्डर्स को निर्देशित किया गया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(वि॰/रा॰) श्री जयचन्द्र पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अशोक कुमार, एआरटीओ वीरेन्द्र सिंह, एसडीएम पयागपुर कीर्ति प्रकाश भारती, कैसरगंज के महेश कैथल, महसी के एस.एन. त्रिपाठी, उपायुक्त उद्योग मोहन कुमार शर्मा, अधि.अधि. नगर पालिका परिषद पवन कुमार, मुख्य कार्यवाहक अधि. मत्स्य गनेश प्रसाद, सहा. अभि. सिचाई विभाग बजरंग बहादुर पाल, आपदा विशेषज्ञ सुनील कुमार कन्नौजिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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