प्रभारी सत्येन्द्र के प्रयास से बुजुर्ग महिला को परिजनों तक पहुंचाया
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
बाराबंकी। अहमदपुर टोल प्लाजा के पास ढाबे पर एक बुजुर्ग महिला के मिलने से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। सुचना मिलते ही अहमदपुर चैकी प्रभारी सत्येन्द्र पांडेय अपने पुलिसकर्मियों के साथ वहाँ पहुचकर बुजुर्ग महिला से पूछताछ की। उस महिला ने अपना नाम लालती देवी 58 वर्षीय पत्नी चंद्रभान सिंह निवासी जनपद गोरखपुर कोतवाली शाहपुर मोहल्ला धर्मपुर बताया। श्रीमती देवी ने बताया कि अपने बेटे और पति के साथ निजी कार से गोरखपुर से लखनऊ वृन्दावन कालोनी जा रही थी बीती रात अहमदपुर टोल प्लाजा के निकट एक ढाबे पर चाय नाश्ता करने के लिये रुके। कुछ देर रुकने के बाद ये लोग गाड़ी बैठकर चले गये और लालती देवी वही छूट गई। जिसके बाद लालती देवी परेशान होने लगी। इसी बीच किसी ने अहमदपुर पुलिस चैकी प्रभारी सत्येन्द्र पांडेय को सुचना दे दी। मौके पर पहुचे सत्येन्द्र पांडेय पीड़ित बुजुर्ग महिला से अपने बेटे और पति का मोबाईल ना मागा तो वाह नहीं बता पाई। ऐसे में प्रभारी सत्येन्द्र पांडेय के लिये मुश्किल भरा काम था। बात बात में उस महिला के मुह से शाहपुर गोरखपुर के पार्षद का नाम आने से पुलिस को सुराग मिलने लगा। क्योंकि चैकी प्रभारी सत्येन्द्र पहले गोरखपुर शाहपुर कोतवाली में तैनात रह चुके है। चैकी प्रभारी ने फौरन वहाँ के पार्षद से संपर्क किया तो पता चला की इस नाम की महिला यहाँ रहती है। चैकी प्रभारी के अनुरोध पर उस पार्षद ने लालती देवी के बड़े बेटे बीआर सिंह से संपर्क किया और बताया कि आपकी माँ अहमदपुर टोल प्लाजा पर छूट गई है। इधर पिता बेटे को भी नहीं पता चला की उसकी माँ गाड़ी में नहीं है और लखनऊ तक पहुच गये। पुलिस द्वारा पति व बेटे को सुचना मिली तो तत्काल ये लोग अहमदपुर चैकी पहुचे। तो चैकी प्रभारी सत्येन्द्र पांडेय ने बुजुर्ग महिला के छोटे बेटे को डाटना शुरू कर दिया इस पर उसने बताया कि हम लोगो को पता ही नहीं चला की मेरी माँ गाडी में नहीं बैठी है। इस पर पति व बेटा बहुत शर्मिंदा हुवे। इस तरह से पुलिस कभी रक्षक तो कभी मित्र बनती है और अपने सामाजिक दायित्वों को लेकर मदद करती रहती है।
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