बलरामपुर मे पिरामल फाउंडेशन द्वारा विकास भवन सभागार में बच्चों के शालापूर्व शिक्षा एवं शिक्षण सामग्री पर कार्यक्रम की अनूठी पहल का शुभारंभ हुआ।
पिरामल फाउंडेशन और एकीकृत बाल विकास सेवा की ओर से विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अमनदीप डुली और पिरामल फाउंडेशन के निर्देशन में जिले के डी.पी.ओ एवं समस्त सी.डी.पी.ओ और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की उपस्थति में बलरामपुर के आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले ३-६ वर्ष के बच्चों के शालापूर्व शिक्षा एवं शिक्षण सामग्री पर कार्यक्रम की अनूठी पहल का शुभारंभ किया गया। तथा शिक्षण सामग्री का विमोचन जनपद के मुख्य विकास अधिकारी, कार्यक्रम निर्देशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी के हाथों किया गया, तथा आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को शिक्षण सामग्री का वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शालापूर्व शिक्षा को मजबूती देना तथा एकीकृत बाल विकास सेवा को सशक्त करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकत्री, महिला परिवेक्षक व ब्लॉक सी.डी.पी.ओ के साथ मिलकर ३-६ वर्ष के बच्चों में शैक्षिक, बौद्धिक, शारीरिक एवं भावनात्मक विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पायलेट प्रोग्राम के रूप में गैसड़ी के १०० आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है जिसमे कार्यक्रम पूर्ण रूप से संचालित किया जायेगा और साथ ही बाकी जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ई- लर्निंग मटेरियल के तहत कार्य किया जायेगा । जिले में कार्यक्रम के सम्पूर्ण प्रशिक्षण एवं गति प्रदान करने हेतु विभागीय स्तर पर सी.डी.पी.ओ श्रीमती रेनू जैसवार और गरिमा श्रीवास्तव को मास्टर ट्रैनर के रूप में चयनित किया गया साथ ही उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान डी.पी.ओ,श्री कृष्ण मुरारी पाण्डेय और समस्त सी.डी.पी.ओ के साथ पिरामल फाउंडेशन की टीम के सदस्य श्रीमती नंदिता जी, जैनेन्द्र जी और सलमान जी,और जिले में कार्यरत पीरामल टीम के सदस्य मोजूद रहे |
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