गृहमंत्री शाह के असम दौरे का विरोध, सीएए वापस लेने की मांग, दिखाए काले झंडे

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8004283330

नई दिल्ली । देश के गृहमंभी अमित शाह के पूर्वोत्तर राज्य असम के दौरे पर पहुंचने पर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और कृषक मुक्ति संग्राम समिति ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को वापस लेने की मांग की। कई जिलों में एएएसयू के सदस्यों ने विवादास्पद अधिनियम की प्रतियां जलाईं, जबकि गुवाहाटी और अन्य स्थानों पर उन्होंने काले झंडे लहराए। एएएसयू के अध्यक्ष दिपांका कुमार नाथ ने कहा कि सीएए ने असमिया लोगों के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। साथ ही उनकी संस्कृति, पहचान और भाषा को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सीएए को निरस्त नहीं किया जाता, हम अपना विरोध जारी रखेंगे।


इस बीच, कृषक मुक्ति संग्राम समिति के सदस्यों ने राष्ट्रीय राजमार्ग -27 को अवरुद्ध कर दिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के पुतले जलाए। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने बाद में उन्हें हिरासत में लिया और रास्ता साफ किया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोकराझार में पहले बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र समझौते दिवस समारोह में भाग लिया, और कहा कि “ऐतिहासिक संधि” ने शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए पूर्वोत्तर में उग्रवाद को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। नलबाड़ी में एक रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन घुसपैठियों का स्वागत करने के लिए ‘सभी फाटक’ खोलेगा, अगर वह सत्ता में आते हैं।

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