बुग्ज, हसद, कीना से अपने को बचाओ: मौलाना हिलाल

रियाज वारसी संवाददाता थाना क्षेत्र देवा बाराबंकी 9335094541

बाराबंकी। देवा रोड स्थित मौलाना गुलाम अस्करी हाल में स्व. काजिम हुसैन की याद में एक सालाना मजलिस का आयोजन हुआ। जिसमें हिन्दुस्तान के मशहूर मौलाना हिलाल अब्बास ने मजलिस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बुग्ज, हसद, कीना से अपने को बचाओ। अहलेबैत की मोहब्बत को अपनाओ। हसद नेकियों को ऐसे खा जाती है जैसे आग लकड़ी को खा जाती है। दुनियां की दौलत व शोहरत की लालच में बह कर गुमरही का शिकार न हो। मौलाना ने आगे कहा कि कामयाबी चाहिए तो मारेफत हासिल करो। आले मोहम्मद के इश्क में जो मार जाता है वो शहीद होता है। शहीद जिन्दा होता है वो अपने परवर दिगार से रिज्क पाया करता है। मौलाना हिलाल अब्बास ने कहा जिसे तौफीके इलाही मिल जाती है उसे सब कुछ मिल जाता है। अहलेबैत की मोहब्बत अपनाओ, दुनियां और आखेरत दोनो में कामयाबी पाओ। आखिर में कर्बला वालों के मसायब पेश किए जिसे सुनकर सभी रोने लगे। मजलिस से पूर्व मुजफ्फर इमाम ने बेहतरीन कलाम पढ़ा-पूरी यजीदियत को मिटाने के वास्ते, कर्बोबला का परदे में एक विरसादार है। हाजी सरवर अली कर्बलाई ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा-मुस्कुरा कर कह रही है हमसे असगर की हंसी, हश्र तक होता रहेगा तजकेरा बेशीर का। इनके अलावा अली गंगोलवी, आरिज, मसीहा, कियान अब्बास व अरबाब ने भी नजरानए अकीदत पेश किया। मजलिस समाप्ति के बाद आसिफ हुसैन, आलिम हुसैन, आदिल हुसैन ने सभी मोमीनों का शुक्रिया अदा किया।

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