राक्षसों का वध करने के लिए भगवान अवतार लेते है: शास्त्री

सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

मसौली बाराबंकी। माँ काली शक्तिपीठ मन्दिर भूलीगंज मसौली में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचिका ममता शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म की लीला का मनोहारी वर्णन किया। भगवतकथा में उपस्थित भक्तो को कथा सुनाते हुए कहा कि राजा परीक्षित से शुकदेव कहते हैं, कि संसार का कल्याण करने के लिए भगवान अवतार लेते कि जब-जब धर्म की हानि होती है। तब सज्जनों का कल्याण और राक्षसों का वध करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। कथावाचिका ने चैपाइयां सुनाते हुए कहा कि -जब-जब होई धर्म की हानि, बाढहि असुर अधम अभिमानी, तब-तब धरि प्रभु मनुज शरीरा, हरहि कृपा निज सज्जन पीरा आदि चैपाइयों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।कथावाचिका ने प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जेल में वासुदेव के यहां अवतार लेकर संतो व भक्तों का सम्मान बढ़ाया। उन्होंने अपने अंदर बुराई विद्यामान न रहे इसके लिए संतों का सत्संग का मार्ग बताया। भगवान श्रीराम की मर्यादा और श्रीकृष्ण को तब समझोगे जब राम मय बनो। जब भक्ति मार्ग में भक्त लीन रहता है तब प्रभु दर्शन होते हैं। अंत में कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म लीलाओं का वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तमाम मार्मिक प्रसंग सुनाए। इस मौके पर अम्बरीष वर्मा, कमला शाह, गुड्डु यादव, संजय वर्मा, शिवकुमार वर्मा,राजू यादव,रामसिंह सहित तमाम भक्तगण मौजूद थे।
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

 

 

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