अटल जयंती- पूर्व प्रधानमंत्री बाजपेई ने दी थी डिजिटल कूड़ा से बिजली बनाने की सोच, जानें क्या था सुझाव

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई कूड़े से बिजली बनाने की सोच रखते थे। स्वच्छ शहर का सपना देखने और कूड़े को ठिकाना लगाने के लिए ही अटल ने लखनऊ को कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना दी थी। बिजली के साथ ही कूड़े से खाद भी बनाई जानी थी। मगर अफसरों की खराब सोच से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। जबकि इसके लिए हरदोई रोड स्थित भरावनखुर्द में कूड़े से बिजली बनाने का संयंत्र भी लगाया था, लेकिन अफसरों की लापरवाही से आज परियोजना की भूमि से लेकर संयंत्र तक आइडीएफसी (इंफ्रास्टैक्चर डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन) के पास बंधक है।करीब 80 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अपारम्परिक ऊर्जा स्त्रोत मंत्रालय ने भी पंद्रह करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया था।परियोजना के लिए शेष रकम आइडीएïफसी (इंफ्रास्टैक्चर डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन) और एलआईसी ने लोन पर दी थी। कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना के लिए नगर निगम सदन ने भूमि दी थी। परियोजना लगाने का काम 23 जून 2003 से चालू हो गया था। परियोजना को देख रही एशिया बायोएनर्जी ने नवंबर 2003 को ही 25 प्रतिशत कूड़े को रिजेक्ट कर दिया था।

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