समाजवादी किसी भी दल में रहे विचारधारा समाजवादी ही रहेगी: गोप कई विभूतियों को मिला मधु लिमये स्मृति सम्मान

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी। हिन्दुस्तान की राजनीति में यदि किसी ने खुद को कुर्बान किया है तो वह सिर्फ समाजवादी ही है। समाजवादियों ने ही आजादी के पहले और आजादी के बाद समाज को जगाने के लिए अपना सबकुछ न्योंछावर किया। मधु लिमये उसी कड़ी के मुख्य अंग है। मधु लिमये ने संसद में रहते हुए कोई ऐसा विषय नही छोड़ा जिस पर उन्होंने सरकार को घेरा न हो। तब संसद में समाजवादियों की संख्या बहुत कम हुआ करती थी लेकिन विपक्ष की भूमिका में सिर्फ समाजवादी ही सदन में सरकार को घेरते थे और जवाब मांगते थे। आज सरकारें इसलिए मजबूत हैं क्योंकि विपक्ष कमजोर हो गया है। यह बात रविवार को गांधी भवन में गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित समाजवादी नेता एवं संसदीय राजनीति के मर्मज्ञ स्व. मधु लिमये की जन्मशती समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कही। इससे पहले उन्होंने समाजवादी चिन्तक रघु ठाकुर, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पाण्डेय एवं गांधीवादी राजनाथ शर्मा के साथ मिलकर स्व. मधु लिमये के चित्र पर मार्ल्यापण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तदोपरान्त सांसद संजय सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर मधु लिमये जन्मशती समारोह का शुभारम्भ किया। समारोह के दौरान गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट की ओर से सांसद संजय सिंह, पूर्व अपर महाधिवक्ता सैय्यद हुसैन, डा विवेक सिंह वर्मा, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता एस.एस नेहरा, अनीता सिंह को मधु लिमये स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजवादी चिन्तक रघु ठाकुर ने कहा कि नेता वही जो देश के लिए खुद को मिटा दे। नेता की सम्पत्ति बढ़े तो देश मिटता है, और नेता जब खुद को मिटाए तो देश बनता है। मधु लिमये जी ऐसे ही आदर्शवादी नेता थे जिन्होंने देश को बनाने के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने कहा कि जहां संघर्ष है वहीं समाजवाद है। समाजवादी विचारधारा के लोग विभिन्न दलों में होते हुए भी समाजवादी है। वह किसी भी दल में रहें उनमें समाजवादी विचारधारा नज़र आती है। मधु लिमये जी ने अपने कर्म और विचारों से युवाओं को समाजवाद से जोड़ने का काम किया। कार्यक्रम संयोजक राजनाथ शर्मा ने कहा कि मधु लिमये उसूलों के पक्के, अहिंसावादी और हथियार विरोधी थे। वह समाजवादी आंदोलन के अग्रणी नेता थे। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में समाजवाद के विचारों का न केवल अध्ययन किया बल्कि अध्यापन भी किया। सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पाण्डेय, यश भारती से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार मधुकर त्रिवेदी, अरूण प्रताप सिंह, मो उमेर किदवई, अधिवक्ता राजेन्द्र वर्मा, रिज़वान रज़ा, युवा समाजवादी पवन यादव, धनंजय शर्मा, विनय कुमार सिंह, मो. मूसा खान, अनिता सिंह, नदीम वारसी, सलाउद्दीन किदवई, बृजेश दीक्षित, भागीरथ गौतम, जमील उर रहमान, मृत्युंजय शर्मा, मो अनस, वेद प्रकाश यादव, अशोक शुक्ला, हुमायूं नईम खान, सत्यवान वर्मा, सरदार आलोक सिंह, शिवानी सिंह, मा.अदीब किदवई, अजीज अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

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