अमरीका विरोधी ऐतिहासिक रैली के बाद, इराक़ी पुलिस ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों से ख़ाली कराए धरना स्थल

इराक़ी सुरक्षा बलों ने शुक्रवार की अमरीका विरोधी मिलियन मैन मार्च रैली के बाद बग़दाद समेत विभिन्न शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को धरना स्थलों से हटा दिया है।
सुरक्षा बलों ने राजधानी बग़दाद में विरोध प्रदर्शनकारियों के गढ़ तहरीर स्कवायर से कंक्रीट के ब्लॉक और दूसरे अवरोधक हटा दिए।
रिपोर्ट के मुताबिक़, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा स्थापित किए गए कैम्पों से उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोलों और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
इराक़ के लोकप्रिय धर्मगुरु और अलफ़तह गठबंधन के प्रमुख मुक़तदा सद्र ने अमरीकी सैनिकों को देश से निकालने की मांग करते हुए 24 जनवरी को मिलियन मैन मार्च के आयोजन की काल दी थी।
सद्र और अन्य इराक़ी नेताओं की काल पर शुक्रवार को लाखों लोगों ने अमरीका विरोधी रैली में भाग लिया।
इस ऐतिहासिक विशाल और भव्य रैली के बाद, सद्र ने इराक़ी जनता का शुक्रिया अदा किया और सरकार के गठन में रुकावटें पैदा करने वालों की आलोचना की।
उनके इस बयान के बाद, उनके समर्थक विरोध प्रदर्शनकारी ख़ुद ही धरना स्थलों से हटना शुरू हो गए थे।
इराक़ में क़रीब 5,200 अमरीकी सैनिक मौजूद हैं।
3 जनवरी को ईरान के कमांडर मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी और इराक़ी हशदुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अबू मेहदी की बग़दाद एयरपोर्ट के निकट अमरीकी हमले में मौत के बाद, 5 जनवरी को इराक़ी संसद ने अमरीकी सैनिकों समेत समस्त विदेशी सैनिकों को देश से बाहर निकालने के लिए एक बिल पास किया था।
हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इराक़ की मांग को ठुकरा दिया था और अमरीकी बैंकों में मौजूद इराक़ को 35 अरब डॉलर सीज़ करने की धमकी दी थी।

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