भूगर्भ जल प्रयोग हेतु लेना होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984
बदायूँ। जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद अध्यक्ष/जिला मजिस्ट्रेट दीपा रंजन ने जानकारी देते हुए बताया है कि उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन एवं विनियमन) अधिनियम-2019 के अन्तर्गत राज्य में भूमिगत जल संरक्षित करने, नियन्त्रित करने और भूमिगत जल के विनियमन का सत्त प्रबन्धन सुनिश्चित करने के लिए, उसे मात्रात्मक और गुणात्मक स्थायित्व प्रदान करने के लिए, विशेष रूप से भूजल संकटग्रस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया गया है एवं सभी औद्योगिक, वाणिज्यक, अवसंरचनात्मक, आर0ओ0 प्लाट और सामूहिक उपयोगकर्ताओं को भूजल निष्कर्षण हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी)/पंजीकरण का प्रावधान किया गया हैं। इसके अतिरिक्त भूगर्भ कूप निर्माण की समस्त ड्रिलिंग संस्थाओं का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
समस्त औद्यौगिक, वाणिज्यक, अवसंरचनात्मक, (निर्माण सम्बन्धी इत्यादि), आर0ओ0 प्लांट और सामूहिक उपयोगकर्ताओं (अधिष्ठान यथा होटलो/लाजो/आवसीयकालौनियों/रिजार्टो/निजी चिकित्सालयों/परिचर्या गृहों/कारोबार प्रक्षेत्रो/माल्स/वाटर पार्को इत्यादि) सहित मौजूदा एवं प्रस्तावित भूजल उपयोगकर्ताओं को जानकारी दी जाती हैं कि ऑनलाइन पोर्टल निवेश मित्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल विभाग को भूगर्भ जल प्रयोग हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)/पंजीकरण हेतु तत्काल आवेदन करें। उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल अधिनियम-2019 की धारा-39 के अन्तर्गत बिना पंजीकरण अनापत्ति प्रमाण पत्र के भूगर्भ जल दोहन करने हेतु दोषी पाये गये व्यक्ति/समूह/संस्था को 02 से 05 लाख का जुर्माना अथवा 06 माह से 01 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों दण्ड निर्धारित किये गये है। अतः इस श्रेणी के उपभोक्ता तत्काल आवेदन कर पंजीकरण/अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना सुनिश्चित करें। आवेदन से सम्बन्धित किसी भी अन्य जानकारी के लिए डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट यूपीजीडब्ल्यूओएनएलआईएनई डॉट इन अथवा जिला नोडल अधिकारी (सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई विभाग) से सम्पर्क कर सकते है।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

