डीएम व सीडीओ की प्रताड़ना से आजिज होकर बीडीओ ने दिया इस्तीफा, मचा हड़कम्प!
अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर, सुहेल अंसारी संवाददाता (एस0एम0 न्यूज 24टाइम्स) 9936900677
जिलाधिकारी ने बताया सभी आरोप बेबुनियाद
बाराबंकी। जिले के रामनगर खण्ड विकास अधिकारी ने जिलाधिकारी डा0 आदर्श सिंह व मुख्य विकास अधिकारी एकता सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रताड़ना से तंग आकर, शिकायती प्रार्थना पत्र सार्वजनिक करते हुए जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को बेनकाब करते हुए त्याग पत्र दे दिया। वहीं इस आरोप से जिले में कई वर्षों से जमें जिलाधिकारी पर सवालियां निशान लगने शुरू हो गये हैं। जिले के मुखिया पर आरोप लगने से पूरे प्रदेश में हलचल मच गई है। वहीं जनपद की जनता को न्याय दिलाने वाला आज खुद ही जांच के कटघरे में खड़ा हुआ है। जिले में काफी समय से फैले भ्रष्टाचार की आग सुलग रही थी, किन्तु मामला जिले के मुखिया का होने के कारण आम आदमी चुप बैठ जाता था किन्तु बीडीओ ने मोर्चा खोलकर अधिकारियों को आईना दिखा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित त्रिपाठी खण्ड विकास अधिकारी रामनगर, बाराबंकी ने मनोज कुमार सिंह अपर मुख्य सचिव को भेजे गये शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि विगत 1 माह से जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मुझे अत्यधिक परेशान किया जा रहा है प्रताड़ना की पराष्ठा के कारण मैं अत्यधिक परेशान एवं मजबूर हूं साथ ही मेरा परिवार भी मेरे ऊपर की जा रही ऐसी प्रताड़ना से परेशान और विचलित है। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मेरा स्थानांतरण विकासखंड पूरेडलाई कर दिया गया था, मेरे द्वारा पूरेडलाई का चार्ज प्राप्त कर लिया गया। जनपद के सांसद द्वारा विकासखंड रामनगर की अन्य प्रतिनिधियों की मांग पर जिलाधिकारी महोदय से पुनः रामनगर स्थानांतरण हेतु दूरभाष पर वार्ता की गई। यदि किसी प्रतिनिधि द्वारा मेरे स्थानांतरण को रोकने हेतु आप लोगों से कहा गया तो इसमें मेरा क्या दोष है। मुख्य विकास अधिकारी एवं जिलाधिकारी द्वारा भविष्य में अंजाम भुगतने की धमकी दी गई, मेरे द्वारा क्षमा याचना की गई तथा स्थानांतरण को लेकर किसी भी प्रकार की कोई पैरवी नहीं की गई। इस घटना से बीडीओ अत्यधिक परेशान हुए। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकासखंड रामनगर पर आकस्मिक निरीक्षण किया गया जो कि किसी भी अधिकारी का अधिकार है परंतु बीमार होते हुए भी मुझे बुलाया गया जबकि मेरे अत्याधिक तीव्र बुखार था। इन परिस्थितियों में पहुंचाने के लिए भी मैं मजबूर था। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बात बात पर एसीआर खराब करने की धमकी दी गई। पिछले 1 माह से मुझे इतना परेशान किया गया कि मैं मजबूर होकर त्यागपत्र दे रहा हूं। प्रकरण की उच्च स्तर से जांच की आवश्यकता है जिससे किसी अन्य को ऐसा कदम न उठाना पड़े। मालूम हो कि ब्लॉक रामनगर में तैनात खंड विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के अफसर बिना गलती के उनका उत्पीड़न कर रहे हैं. अन्य ब्लॉकों को छोड़कर सिर्फ रामनगर में छापेमारी की जा रही है. यह इसलिए हो रहा है क्योंकि बीडीओ ने सांसद से एक सिफारिश करा दी थी। जिसकी वजह से जिला स्तर के अधिकारी चिढ़ गए और उत्पीड़न शुरू कर दिया। वहीं, इस्तीफा देने के बाद पीडीएस यानी प्रादेशिक विकास सेवा संघ भी लामबंद हो गया है। यूपी कैडर के तीन आईएएस अफसरों के इस्तीफे से ब्यूरोक्रेसी में पहले से ही हलचल मची है। इसी बीच बाराबंकी में भी जिला स्तरीय अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर यहां तैनात एक खंड विकास अधिकारी के त्याग पत्र दे दिया। इस्तीफा देने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों में हलचल मची है, कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
….आरोप बेबुनियाद
बाराबंकी। कतिपय अखबारों एवं सोशल मीडिया sites पर खंड विकास अधिकारी रामनगर श्री अमित त्रिपाठी द्वारा दिनांक 2 अगस्त को तथाकथित रूप से जारी किये गए त्याग पत्र एवं दिंनाक 3 अगस्त को उस त्याग पत्र को वापस लेने की खबर प्रकाशित हो रही है. हालाँकि यह पत्र मूल रूप से अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं, किन्तु श्री त्रिपाठी द्वारा व्हाट्सप्प के माध्यम से प्रेषित किये गए हैं. पत्र में लगाए गए आरोप बेबुनियाद एवं निराधार हैं. गत दिनांक 30 जुलाई को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, PD DRDA, DC MGNREGA द्वारा अन्य अधिकारियों के साथ विकास खंड रामनगर कार्यालय एवं स्थलीय कार्यों का निरीक्षण किया गया, जिसमे कतिपय खामियां/ वित्तीय अनियमित्तायें पायी गयी तथा जिस सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही करते हुए शासन को भी आख्या प्रेषित की गयी है. शासन के निर्देशों के क्रम में समय समय पर सरकारी कार्यालयों एवं स्थलीय कार्यों का निरीक्षण तथा भौतिक सत्यापन करना उच्च अधिकारियों का दायित्व है. इसी कड़ी में पिछले कुछ महीनों में जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तहसीलों, विकास खंड कार्यालयों तथा अन्य कार्यालयों का निरिक्षण किया गया है. उसी कड़ी में दिनांक 30 जुलाई को विकास खंड रामनगर का भी निरीक्षण किया गया था
।अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर, सुहेल अंसारी संवाददाता (एस0एम0 न्यूज 24टाइम्स) 9936900677

