सौन्दर्यीकरण के नाम पर ऐतिहासिक घण्टाघर में लगाया बांस 6 माह बाद भी नहीं बदली तस्वीर, जनता में उठ रहे हैं तरह-तरह के सवाल

सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

बाराबंकी। शहर का प्राचीन घण्टाघर सौन्दर्यीकरण के नाम अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, इधर से निकलने वाले प्रशासन के अधिकारियों को इसकी दुर्दशा नहीं दिखाई दे रही है। सौन्दर्यीकरण के नाम पर पहले तो बहुत हो-हल्ला मचाया गया और खूब रूपया इकट्ठा किया गया लेकिन सूरत में कोई बदलाव न करके रास्ते को अतिक्रमण युक्त कर दिया गया है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार घण्टाघर के सौन्दर्यीकरण के लिए कई व्यापारियों व जनता के लोगों को चंदा दिया लेकिन उसके बाद से सिर्फ बांस लगाकर छोड़ दिया गया है जिससे उधर से निकलने वाले वाहन टक्टरा जाते हैं। एक तो रास्ता पहले से काफी सकरा था और उसके बांस लगाकर कोढ़ में खाज वाली कहावत चरितार्थ की गई है। घण्टाघर के आसपास के दुकानदारों ने बताया कि बांस लगे होने से जरा-जरा देर पर जाम लगता रहता है, और फिर मरीज से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चे जाम में फंसे रहते हैं। उक्त रास्ते पर अगर दो चार पहिया वाहन आमने-सामने आ जाते हैं तो लगे बांस के कारण निकलने में काफी दिक्कते होती है, घण्टो जाम लगा रहता है फिर भी नगर पालिका प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। घण्टाघर की स्थिति देखने के लिए आप स्वयं जाकर लगे बांसों को देख सकते हैं, यहां पर लगे 6 माह से बांस धूप व बरसात के कारण क्षीण हो रहे हैं जो कभी भी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं, ऐसे में कौन होगा इसका जिम्मेदार?

सरकारी कार्यक्रम के लिए 24 घण्टे में हो जाता है इंतिजाम
वहीं नगर पालिका विगत दिनों कई कार्यक्रम हुए जिनमें लाखों रूपया खर्च हुआ तब नगर पालिका झटपट इंतिजाम करके कार्यक्रम को सफल बना देती है लेकिन शहर के ऐतिहासिक घण्टाघर के सौन्दर्यीकरण के लिए बजट ही नहीं है। अगर नगर पालिका चेयरमैन चाहे तो घण्टाघर की तस्वीर बदल सकती थी लेकिन उन्होंने जनहित के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

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