जांच की गिरफ्त में एसडीएम, शगल बना शासनादेश उल्लंघन नियम 45 दिन का, और चार माह बाद भी नहीं दर्ज हुआ आदेश

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी(एसएम न्युज24टाइम्स)। राजस्व परिषद एवं मानवाधिकार आयोग दिल्ली द्वारा जिलाधिकारी को जांच व कार्रवाई के आदेश दिये गए हैं। जांच की गिरफ्त में होने के बावजूद भी एसडीएम प्रिया सिंह शासनादेश का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहीं हैं। ज्ञात हो कि विगत 20 जुलाई को आर्यावर्त नागरिक सेवा ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष लवकुश शरण आनंद ने मुख्यमंत्री समेत अनेक अधिकारियों से शिकायत की है कि एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रिया सिंह ने राजस्व संहिता 2006 की धारा 80 के अंतर्गत गैर-कृषिक भूमि के सम्बंध में 45 दिन के अंदर कोई आदेश ना कर शासनादेश का उल्लंघन किया है। पेशकार के माध्यम से 55 हजार रिश्वत मांगा है, कई बार तहसील के चक्कर लगवाये और मानसिक उत्पीड़न किया है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को जब शिकायत की, उसके बाद 16 जुलाई की तिथि में जारी की गई बैकडेट की शुल्क जमा करने हेतु नोटिस पांच अगस्त को रिसीव कराई गई है। छरू अगस्त को कोषागार शुल्क बैंक में जमा कराकर उसी तिथि में चालान प्रतियाँ एसडीएम न्यायालय में दे दी गईं। शासनादेश अनुसार चालान प्रतियाँ न्यायालय में जमा होने के 10 दिन के अंदर सम्बंधित भू-अभिलेख खतौनी पर आदेश दर्ज हो जाना चाहिए। अपितु, एक माह बाद भी खतौनी पर कोई आदेश नहीं दर्ज किया गया है। आवेदन किये चार माह से अधिक समय हो गया है। राजस्व परिषद एवं मानवाधिकार आयोग दिल्ली ने शिकायत का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी को जांच करने व कार्रवाई का आदेश जारी किया है।

आरटीआई जवाब शून्य

प्रकरण में जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत अनेक आवश्यक सूचनाएँ भी मांगी गई हैं। परन्तु, जवाब नही दिया गया। जिसकी अपील की गई हैं। ऐसी परिस्थितियाँ जब उप जिला अधिकारी कार्यालय सिरौलीगौसपुर की हैं, तो अन्य मातहत अधिकारियों का बेलगाम होना स्वाभाविक है।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

 

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