बाराबंकी। शनिवार को वयोवृद्ध 94 वर्षीय समाजवादी आन्दोलन के प्रसिद्ध नेता, स्वतंत्रता सेनानी एवं विधानसभा के तीन बार सदस्य रहे जमुना प्रसाद बोस का कुशल क्षेम जानने समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार राजा सिंह एवं पाटेश्वरी प्रसाद उनके आवास पहुंचे। बीते 20 फरवरी को अचानक पैर टूट जाने के बाद श्री बोस को जनपद बाँदा से लखनऊ लाया गया। जहाँ उनके कूल्हे का सफल आपरेशन हुआ। जिसके बाद वह लारेंस टेरिस लखनऊ स्थित अपने आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे है। इस दौरान उन्होंने त्रिपुरा की दो महान क्रांतिकारी वीरांगनाओं के बारे में बताया जिन्होंने महज 13 वर्ष की आयु में अंग्रेज कलेक्टर को उनके दफ्तर में गोली मारी थी। जिन्हें शांति घोष और सुनीति चैधरी के नाम से जाना जाता है। जिनकी देश भक्ति और साहस पर प्रकाशित पुस्तक श्लोहे की दो लड़कियांश् के बारे में विस्तार से बताया। श्री बोस ने यह भी बताया कि यह पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. चन्द्र दत्त तिवारी ने उन्हें भेंट की थी। गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी जमुना प्रसाद बोस शतायु और जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

