पसमांदा ने कांग्रेस को सत्ता की चाभी दी, बदले में हासिल हुआ धार्मिक प्रतिबन्ध- वसीम

मामून अंसारी जिला ब्यूरो चीफ बाराबंकी

बाराबंकी। पंजा छाप पार्टी की नासमझी बेकदरी और मतलबपरस्ती ने 85 फीसदी पसमांदा मुसलमान को अंधेरी कोठरी में धकेल दिया। उसने उसी को धोखा दिया जिसने बिना किसी शर्त के उसका साथ दिया और दशकों सत्ता में बने रहने का मौका दिया। आर्टिकल 341 के तहत धार्मिक प्रतिबन्ध लगाकर तरक्की की राह रोक दी, कांग्रेस को इस कलंक के साथ ही रहना होगा।

यह बात आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने अपने एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस ने अपने अलावा किसी के बारे में सोचा होता तो वह सत्ता से बाहर न होती। खासकर 85 फीसदी पसमांदा आबादी जिसे वोटबैंक बनाकर सिर्फ इस्तेमाल किया जब इस आबादी की बुनियादी तरक्की की बात आई तो उस पर आर्टिकल 341 के जरिये धार्मिक प्रतिबन्ध लागू कर दिए, कांग्रेस की इस चाल को पसमांदा मुसलमान समझ नही सके और बराबर साथ देते रहे, कांग्रेस ने भी इस समाज का जमकर फायदा उठाया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतिबन्ध लगाकर कांग्रेस ने दोहरी चाल चली, एक तरफ इस समाज की तरक्की रोकी दूसरी ओर मनमाने कानून के मकड़जाल में फंसा दिया। अंजाम यह हुआ कि 85 फीसदी पसमांदा मुसलमान अपने पैरों में पड़ी जंजीर आज तक नही छुड़ा सका है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का नाम धोखेबाजी के लिए हमेशा लिया जाएगा। पसमांदा समाज का भरसक इस्तेमाल करने के बाद भी सत्ता तो दूर संगठन व सदन में बैठने का मौका तक नही दिया। आज जब यह समाज जागरूक होने की राह पर है वह तय कर चुका है कि बिना हिस्सेदारी आगे कोई बात नही होगी। जो भी दल हिस्सेदारी की बात करेगा और समाज को राजनीतिक पहचान दिलाने की पहल करेगा।

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