बदायूँ। कुलचौरा 12 दिन. अपने लक्ष्य व अभियान के साथ 27 अगस्त को जयगुरुदेव आश्रम मथुरा से 108 दिव्य शाकाहार-सदाचार, मदनीषेध, आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा लेकर निकले संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी पूज्य पंकज जी महाराज 11 प्रचारक , आत्म कल्याणकारी संदेश सुनने के बाद कल सायंकाल अपने 107वें और अभियान के अंतिम उपदेश पर जयगुरुदेव आश्रम कुलचौरा-मानपुर के निकटवर्ती मैदान पर पधारे। घंटों पूर्व से दर्शन और स्वागत की लालसा संजोये हजारों भाई-बहन और बच्चे-बच्चियों ने एक रंगरूप की विशेष पेंटिंग के साथ दीप कलश, फूल-मालाओं, पुष्प मालाओं, रंगोली, आतिशाबाजी और बंद-बाजे के साथ शानदार प्रस्तुति से स्वागत किया। आज यहां दिन के 12 बजे से समापन पर सत्संग समारोह का आयोजन हुआ।

आपके सत्संग सम्बोधन में पूज्य पंकज जी महाराज ने कहा था कि यह मानव जीवन अनमोल है। जब जन्म-जन्मान्तरों के पुण्य-कर्म उदय होते हैं तब मनुष्य का शरीर हमको मिलता है। महात्मा कहते हैं कि ”मिली नर देह यह तुमको, बनाओ काज कुछ अपना। पचो मत आय यही जग में जानियो वर्षा का सुपना।” मानव चौरासी लाख योनियों में सर्वोत्तम योनि यही है। कारण कि इसी इंसान के शरीर में दोनों आंखों के बीच वह ”जीव अजनबाणी” शामिल हो गया। वह रिश्तेदार हमारी आपकी वन्यजीवन बंधक रहती है। उसी जीवात्मा में प्रभु के दर्शन-दीदार करने की एक नजर शिवनेत्र, तृतीय उत्सव या शिष्य आई भी कही जाती है। महात्मा की पहचान है कि ”अंखी मध्ये पांखी चमके, पांखी मध्ये द्वारा। ता मध्ये स्वभाव लगायावे दिखाई सिरजनहारा।” उस परम पिता परमात्मा की वेदवाणी, अनहदवाणी या कलमा श्रवण के लिए उसी जीवात्मा में एक कान भी है जिसे तीसरा कान कहते हैं। इसी तरह के रिश्ते हमको दुनियां की भी आवाज सुनाई देते हैं। जब जीवात्मा इस शरीर से निकल जाता है तो कान के गायब होने पर भी हमें कुछ नहीं बताया जाता है। यही प्रमाण है. लेकिन इसका भेद कोई मर्मी गुरु, पूर्ण गुरु ही बता सकता है, जिसने सुरत-शब्द के अभ्यास से अपने जीवात्मा को जगाया हो, जब इस प्रवेशे के संत महात्मा मिल जाएं तो वे देवता और देवता हैं, लेकिन वे शरीर में हैं आंखों से न देखें और उनकी वाणी सुनने के लिए कलयुग की सरल साधना (सूरत-शब्द योग) करनी होगी। मानस भी कहते हैं ”सुगम पंथ मोहि पावहिं प्रानि।” भक्ति के मार्ग कहौं बखानी।” हमारे गुरु महाराज परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने अपने 116 वर्ष की आयु तक इसी नाम योग साधना का भेद विभिन्न देशों में लाखों लोगों को शाकाहारी-सदाचारी बनाकर ऊपरी मंडलों की सैर कराई। यही कारण है कि देश का बच्चा-बच्चा आज इस जयगुरुदेव नाम से धन्य है। कहा भी है कि ”सोइ जानइ जेहिं देहु जनाई। जानत तुम्हहिं, तुम्हहिं होइ जाई।” गुरु की असली पहचान तो अंतरिक साधना में ही है। आप लोग भी सुमिरन, ध्यान, भजन के द्वारा प्रभु की वाणी को अपने घट में सुन सकते हैं।
महाराज जी ने नामदान देने वाले सुमिरन, ध्यान, भजन का तरीका भी विस्तार से बताया। पंकज महाराज ने शकाहार मत पर जोर देते हुए कहा कि आज खान-पान के कलाकारों के होने के कारण ही देश का नवजवान दिशाहीन होना चल रहा है और तरह-तरह के नशीले साथियों के नामांकन में आता जा रहा है। यही नहीं उसकी असामयिक मृत्यु तक हो जाती है जो हम सबके लिए एक चिंता का विषय है। इस पर सार्वजनिक विचार विमर्श करना। आज के समय में शिक्षा बहुत जरूरी है लेकिन शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी जरूरी है। बड़ों का सम्मान करना, बच्चों को प्यार करना, प्यार करना हमारे मानव धर्म की पहली सीढ़ी है। जिसे आज का नवजवान भूलता जा रहा है। बुरी संगत शोहबत से बच्चों को बचाएं, यह आपकी सबसे हमारी अपील है। इसी एक सूत्र से समाज अच्छा बन जायेगा। सत्संग में भागीदारी के लिए जिला बदायूँ की जनता और प्रशासन का सहयोग।
आगामी 20 से 24 दिसंबर तक आगरा-दिल्ली बाई पास स्थित जयगुरुदेव मंदिर, मथुरा में पूज्यपाद स्वामी गौरीलाल जी महाराज ‘दादा गुरुजी’ का 75वां वार्षिक भंडारा सत्संग मेला आयोजित होगा। आपसे अपील है कि जयगुरुदेव आश्रम मथुरा पधारें। दया, दुआ, आशीर्वाद प्राप्त करे। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग जारी है।
इस अवसर पर जयगुरुदेव संगति के सरदार के सरदार उपदेश सिंह, भूस्वामी उदयपाल, प्रधान यादव, पूर्व प्रधान राकेश जी, धीर सिंह, वीरपाल, नरेंद्र, रामू, अनार सिंह, सहयोगी संगत चंदौली के अध्यक्ष जसवंत प्रसाद श्रीवास्तव, सहायक, देवराज यादव, संस्था के महामन्त्री बाबूराम यादव, प्रबन्धक संतराम चौधरी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह, बिहार अध्यक्ष मृत्युंजय झा, रा. उपदेशक राजेश जी, नानक भाई टी मिस्त्री, सूपर कुमार सिंह, उपदेशक डा. कुँवर रावण सिंह आदि उपस्थित रहे। सत्संग के बाद जनजागरण यात्रा जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा के लिए रवाना हुई।
*मुकीम अहमद एस्कॉर्ट वकील (एसएमन्यूज़ 24 टाइम्स) सहसवान – 9719216984*

