रामचरित मानस तो सभी के घर में है लेकिन उसमें दिए गए विचारो का कोई भी पालन नहीं करता राम नाथ मौर्या

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

मसौली बाराबंकी। कस्बा त्रिलोकपुर मे गायत्री संस्कार पीठ के तत्वाधान मे चल रही पावन प्रज्ञा पुराण कथा में कथावाचक रामनाथ मौर्य पारिवारिक खण्ड की कथा सुनाई ।
कथावाचक ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव जी पावन प्रज्ञा कथा में आज के युग के बारे में बताया है की परिवार के लोगों के साथ कैसे रहना चाहिए आज कल रामचरित मानस तो सभी के घर में है लेकिन उसमें दिए गए विचारो का कोई भी पालन नहीं करता है अधिकतर सभी के घर में महाभारत होती रहती है इसलिए इस कथा का उद्देश्य प्रज्ञाती को को जागरण करने के लिए श्रेस्ताओ का अभ्यास करके परिवार में संस्कारो का ज करना भाई भाई में प्रेम कैसे आये माता पिता पुत्र में प्रेम कैसे आये परिवार के बारे में इस कथा में विस्तार से व्याख्या कि गयी गयी है ओर रामचरितमानस कि चोपाई यदि प्रति दिन एक या दो चोपाई पढ़ी या सुनी जाये तो जीवन संस्कार मान होता है इस कथा रसपान करके श्रोता भावविभोर हो गए वाही माता गायत्री कि प्रतिमा का श्रंगार किया गया उसके पश्चात आरती कि जय प्रज्ञा आरती कि गयी ओर प्रसाद वितरण किया गया इस मौके पर पवन कुमार नाग, राजकुमार वर्मा,संजय नाग मनोज वर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा, प्रबल तन्मय, आनिमेशन आदि भक्त उपस्थित रहे

Don`t copy text!