मसौली बाराबंकी। ग्राम पंचायत बड़ागांव के मोहल्ला नालीपार मे चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवतकथा का समापन पूर्ण आहुति एव भंडारे के साथ सम्पन हुआ इस दौरान भारी संख्या मे लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया। भगवतकथा के अंतिम दिन कथावाचक उमेश महराज ने नंदबाबा की कथा सुना कर भक्तगणो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति मे विभोर कर दिया।
कथावाचक उमेश महराज ने कहा कि मनुष्य को हमेशा सदकर्मों के साथ रहना चाहिए। जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ते हैं तो भगवान अवतार लेकर आते हैं। कंस के अत्याचारों के बोझ से दब रही पृथ्वी के बोझ को कम करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि कारागार में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ। कंस के डर से पिता वासुदेव ने रात में ही अपने लाला को नंदबाबा के घर पहुचा दिया। जहां उनका लालन-पालन हुआ। नंदबाबा ने कन्हैया का जन्म उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया। जन्मोत्सव की खुशी में कथा पंडाल को बहुत अच्छे से सजाया गया। बधाइयाें के साथ नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजन पर भक्तजन खूब झूमे। भगवतकथा के समापन पूर्ण आहुति पूजन अर्चन के साथ किया गया भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे तमाम भक्तगणो ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौक़े पर आयोजक श्रवण कुमार कश्यप, कन्हैयालाल चौहान, राकेश कुमार कश्यप, राजेंद्र प्रसाद यादव, जसकरण कश्यप, सुरजन सिंह, मुरली कश्यप, विजय चौहान, राजू गुप्ता, अश्वनी कुमार, प्रमोद कुमार सहित अन्य भक्तगण मौजूद रहे।
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