दशकों से विवादित चल रहे होलिका दहन स्थल का हुआ निस्तारण उल्लास के साथ जली होली

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

मसौली बाराबंकी। ग्राम प्रधान के प्रयास से तीन दशकों से विवादित चल रहे होलिका दहन स्थल का हुआ निस्तारण उल्लास के साथ जली होली ग्राम वासी रंग मे हुए सरोवर आपसी विवाद को मिटा कर एक दूसरे के गले मिलकर दी होली की बधाई ।
मामला कोठी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद का वर्ष 1990 के दशक से होलिका दहन स्थल को लेकर शुरु हुआ विवाद आख़िरकार इस बार निस्तारण हो गया। बताते चले कि 90 के दशक से पूर्व जिस स्थान पर होली जलाई जाती थी उसी के आसपास पासी समुदाय की बस्ती बस गयी और लोगो ने आस पास मकान बना लिये थे जब होली जलाई जाती तो मकानों व छप्परों में आग लगने के डर पासी बस्ती के लोगो होली जलाने पर कडा इतराज करने लगे लेकिन पूर्व से जल रही होली के स्थान पर ही ग्रामीण जलाने की जिद पर अड़े रहे नतीजा यह हुआ कि कई बार प्रशासन एव ग्रामीणों के बींच विवाद बीच हुआ जिला प्रशासन के संरक्षण में मात्र होली दहन के नाम खानापूर्ति होती रही। वर्ष 1996 में कुछ ग्रामीणों द्वारा दलित का मकान गिराया गया,जिससे छप्परों में आग लगी जिसपर थाना कोठी मे ग्रामीणों पर आगजनी का मुकदमा भी दर्ज हुआ यहां तक ट्रैक्टर, ट्रालियों मे भरकर गये ग्रामीण राजभवन पर धरना प्रदर्शन किया तथा लाठीचार्ज भी झेला। मामला दीवानी न्यायालय पहुंचा मुकदमे हुए अन्ततः 1997-98 मे स्थल को निजी जगह पर चयन इस शर्त पर हुआ कि आपको एक बीघा जमीन पट्टा करा दिया जाएगा। कुछ वर्षों तक खेत में होली जली पर धीरे-धीरे फसल आदि लगी होने पर फसलों का नुक़सान होने लगा नतीजा यह हुआ की ग्रामीणो द्वारा होलिका दहन में दिलचस्पी खत्म हो रही थी।
इस वर्ष होली से पूर्व ग्राम प्रधान श्रीमती प्रमिला रावत ने प्रयास शुरु किया और ग्राम समाज के राजस्व अभिलर्खो मे दर्ज बंजर भूमि पर नवीन स्थल चयन कर और स्थल सौन्दर्यीकरण का संकल्प लिया नतीजा यह हुआ कि ग्राम प्रधान प्रमिला रावत ने होलिका दहन स्थल पर इण्टर लाकिंग कार्य कराकर भव्य रूप दिया और गत 24 मार्च को उक्त स्थान पर सभी ग्रामीणो ने मिलजुलकर होली जलायी 25 मार्च को सभी ने गिले शिकवे खत्म कर बड़ी खुशी और सौहार्दपूर्ण के साथ अबीर गुलाल लगाकर होली मनाई।

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