पशु चिकित्सालय पर पशुपलकों कों नहीं मिलता सरकारी सुविधा का लाभ

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

मसौली बाराबंकी । 15 जून से लेकर 30 जून तक ट्रांसफर सत्र शुरू हुआ था। इसमें जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष पूरा करने वाले अधिकारियों का जिला परिवर्तित करना था। लेकिन यह गणित अब पूरी तरह से फेल हो चुका है।ताज़ा मामला जनपद बाराबंकी के पशुपालन विभाग का है जहाँ जैदपुर पशु चिकित्सालय पर तैनात डॉ सुनील सिंह करीब 6वर्ष से एक ही अस्पताल पर तैनात है और ज्यादातर अस्पताल से नदारद रहते हैँ लेकिन ऊँची रसूख और आधिकारिक पकड़ के चलते एकबार फिर इनका ट्रांसफर होते-होते रुक गया और डॉ सुनील सिंह ने फिर एक बार जैदपुर पशु चिकित्सालय का कार्यभार संभाल लिया है! पशु चिकित्सालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पशुपालको की माने तो अधिकांश लोग डॉ सुनील सिंह को क्षेत्र में कभी देखा ही नहीं है पशु चिकित्सालय का अधिकांश कार्यभार झोलाछाप व चपरासी ही करते हैँ और तो और डॉक्टर की देखरेख में इलाज करने के नामपर अवैध धनवसूली करते हैँ इतना ही नहीं इसी अस्पताल में दसको से तैनात एक चपरासी अपने आप को डॉक्टर बताकर धड़ल्ले पे इलाज करता है और क्षेत्र में कहीं कोई पशुपालक डॉ के खिलाफ शिकायत करता है तो यही चपरासी आसपास के प्रतिष्ठित लोगों से सिफारिश करवाकर शिकायतकर्ता कों मानमनव्वल कर निस्तारण कराने के लिए दबाव बनाता है

पशु चिकित्सालय पर पशुपलकों कों नहीं मिलता सरकारी सुविधा का लाभ

सरकारी पशु अस्पताल पर अपने पशुओं का इलाज कराने ले गए पशुपालको का कहना है कि अस्पताल पर डॉक्टर मिलते ही नहीं और अगर कभी कभार मिल भी गए तो अपनी कुर्सी से हिलते तक नहीं, और चपरासी द्वारा लम्बा चौड़ा पर्चा बना कर बाहर से दवा लाने को कहा जाता है जबकि सरकार द्वारा तमाम दवाइयां अस्पतालों पर भेजी जाती हैँ लेकिन पशुपालकों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

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