हमारा संकल्प है मानसिक रोगों के मरीजों को जड़ से मुक्ति दिलाना
मामून अंसारी जिला ब्यूरो चीफ एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी
एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी जिला सरकारी अस्पताल में तैनात डॉ0 आरती यादव कर रही हैं नाम रोशन प्राप्त जानकारी के अनुसार आपको बता दें आए दिन मानसिक रोग के मरीज बढ़ते जा रहे हैं जिसको लेकर काफी चर्चाओं में रहती हैं बाराबंकी जिला सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर आरती यादव मरीज चाहे जैसा हो हर प्रयास करती हैं उसे मरीज की बीमारी को स्वस्थ बनाने में उनका कहना है कि मानसिक रोग कोई पागलपन नहीं है मानसिक रोगों की कई वजह हैं जबकि डॉक्टर आरती यादव मंगलवार बृहस्पतिवार शनिवार जिला सरकारी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात रहती हैं जिसको लेकर भारी संख्या भीड़ रहती है डॉक्टर आरती यादव को दिखाने के लिए लगभग एक दिन में 70से 80
मरीज ए जाते हैं वही मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर आरती यादव ने कुछ अपनी राय रखी और कुछ मानसिक रोगों के बारे में बताया। कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं मानसिक रोग बीमारी को धर्म की आस्था से जोड़ लेते हैं और मजार हुआ मंदिरों पर जाते तब मरीज की हालत और खराब हो जाती है परिवार वाले इसको समझ नहीं पाते वही
आरती यादव का कहना है कि मजा आएगा मंदिर के ब्रा में ना रहे डॉक्टर की सलाह ले और मानसिक रोगी होते हैं। जिन लोगों में ऐसे लक्षण पाए जाते हैं उनसे परिवार एवं समाज समाज भी दूरी बनाकर उनका तिरस्कार करता है, जो कतई सही नहीं है ऐसे मानसिक रोगी को तो परिवार एवं समाज से प्यार ,दुलार एवं सम्मान की आवश्यकता होती है। उसे तत्काल मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए। मानसिक बीमारी, जिसे मानसिक स्वास्थ्य विकार भी कहा जाता है, मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों की एक विस्तृत श्रृंखला को संदर्भित करता है – विकार जो आपके मूड, सोच और व्यवहार को प्रभावित करते हैं। मानसिक बीमारी के उदाहरणों में अवसाद, चिंता विकार, सिज़ोफ्रेनिया, खाने के विकार और नशे की लत वाले व्यवहार शामिल हैं।
कई लोगों को समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ होती हैं। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंता तब मानसिक बीमारी बन जाती है जब लगातार होने वाले लक्षण और संकेत लगातार तनाव का कारण बनते हैं और आपकी कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
मानसिक बीमारी आपको दुखी कर सकती है और आपके दैनिक जीवन में समस्याएं पैदा कर सकती है, जैसे कि स्कूल या काम पर या रिश्तों में। ज़्यादातर मामलों में, लक्षणों को दवाओं और बातचीत थेरेपी (मनोचिकित्सा) के संयोजन से प्रबंधित किया जा सकता है। मनोचिकित्सक डॉ आरती यादव ने कही, उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि हमें अपना जीवन एक अच्छा निरोगी जीवन जीने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा।क्योंकि अगर हम अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखेंगे तो कभी भी तनाव मुक्त नहीं रह सकते।
मामून अंसारी जिला ब्यूरो चीफ एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

