बदायूं जामा मस्जिद शम्सी बनाम मंदिर मामले में कोर्ट में टली सुनवाई, अगली तारीख 10 दिसंबर पड़ी है.
एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं
बदायूं। इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता असरार अहमद ने कहा, ‘जो मामला दर्ज किया गया है वह फर्जी है. यह शांति भाईचारा भंग करने के लिए किया गया हिंदू पक्ष का इस मस्जिद पर कोई अधिकार नहीं है। मामला सुनवाई के योग्य नहीं है
बदायूं की जामा मस्जिद शम्सी पर हिंदू महासभा के मुकेश पटेल की तरफ से नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा कोर्ट में दायर किया गया है मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने हिंदू महासभा के दावे पर आपत्ति जताते हुए अपना पक्ष कोर्ट में दाखिल किया है। बदायूं की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहे मामले में आज बहस की तारीख थी। जिसे कोर्ट ने आगे टालते हुए दस दिसंबर की तारीख नियत की है। जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के वकील असरार अहमद ने कहा है कि जो मामला दर्ज किया गया है वो फर्जी है। यह शांति भाईचारा को भंग करने के लिए किया गया है। हिंदू पक्ष का इस मस्जिद पर कोई अधिकार नहीं है। लिहाजा मामला सुनवाई योग्य नहीं है। वहीं हिंदू पक्ष का मानना है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनवाई गई। बदायूं की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनवाई को टालते हुए अब दस दिसंबर की तारीख लगाई है।
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