स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित प्रकरण मे तहसील की जांच आख्या एक वर्ष बाद भी जिलाधिकारी कार्यालय नहीं पहुंच पायी
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी
बाराबंकी । “नौ दिन चले अढाई कोस ” यह कहावत जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा मांगी गई जांच आख्या प्रेषित करने मे नवाबगंज तहसील प्रशासन की कारगुजारी पर सौ प्रतिशत सही साबित होती है । स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित प्रकरण मे तहसील की जांच आख्या एक वर्ष बाद भी जिलाधिकारी कार्यालय नहीं पहुंच पायी है । पीड़ित ने सम्पूर्ण समाधान दिवस पर प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करके जांच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को प्रेषित कराने की मांग की है ।
जिले के थाना सफदरगंज अन्तर्गत ग्राम रसौली निवासी शांति स्वरूप ने गत 7 दिसम्बर को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस पर प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर कहा है कि उसके पिता भगवान दास पुत्र चुन्नीलाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, भारत छोड़ो आन्दोलन मे भाग लेने के कारण उनको अंग्रेजों ने तमाम यातनाएं दी थी तथा वर्ष 1943 मे 20 अगस्त से 26 अक्टूबर तक जिला कारागार बाराबंकी मे नजरबंद रखा था । उसने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित का दर्जा दिये जाने हेतु शासन/ प्रशासन को कई प्रार्थनापत्र दिये थे । जिसपर कार्यालय जिलाधिकारी बाराबंकी द्वारा पत्र संख्या -1540 दिनांक 04-08-2023 तथा पत्र संख्या 1802 दिनांक 08-12-2023 को जांच हेतु उप जिलाधिकारी नवाबगंज को प्रेषित किया गया था ।
उक्त प्रकरण की पूर्व और वर्तमान हल्का लेखपाल द्वारा दो बार जांच की गई किन्तु एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जांच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को नही भेजी गई। जांच आख्या प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा भी कई अनुस्मारक पत्र संख्या 2083/ए• जे• एफ• -2 उप जिलाधिकारी नवाबगंज को प्रेषित किये गए किन्तु परिणाम सिफर रहा ।
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

